Sea Baby Drones: तुर्किए के बोस्फोरस स्ट्रेट (Bosphorus strait) के पास रूस के शैडो फ्लीट के दो टैंकरों में धमाके की खबर सामने आई है। इस धमाके के बाद जहाज धू-धू कर जलने लगा। ब्लैक सी (काला सागर) में हुए इस धमाके को लेकर तुर्किए ने मिसाइल, ड्रोन या किसी समुद्री वाहन से बाहरी हमला होने की आशंका जताई है। रूस के इन दोनों शैडो फ्लीट टैंकर का नाम Kairos और Virat है। दोनों जहाज पश्चिमी प्रतिबंधों को चकमा देने के लिए उपयोग में लाए जाते हैं। टैंकर के क्रू मेंबर ने एक इंटरसेप्टेड ओपन-फ्रीक्वेंसी रेडियो डिस्ट्रेस कॉल में ड्रोन हमले की सूचना दी।
तुर्किए के ट्रांसपोर्ट मंत्रालय के मुताबिक, ‘विराट’ नाम के टैंकर को एक ड्रोन ने टक्कर मारी थी। इसके बाद फिर से दूसरे दिन सी बेबी ड्रोन से हमला हुआ। टैंकर के क्रू ने रेडियो पर चिल्लाते हुए मैसेज भेजा, ‘यह VIRAT है। मदद चाहिए! ड्रोन हमला हो गया है! बहुत आपात स्थिति है! यूक्रेन की SBU ने वीडियो जारी किया है। इस वीडियो में पानी की सतह पर ड्रोन टैंकर की ओर बढ़ते दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद फौरन विस्फोट हो जाता है।
यूक्रेन ने ली हमले की जिम्मेदारी
तुर्किए की ओर से कहा गया है कि रूसी जहाज पर किसी रॉकेट, माइन, मिसाइल, ड्रोन या किसी समुद्री जहाज से हमला हुआ है। हालांकि विराट को मामूली नुकसान पहुंचा है। चालक दल पूरी तरह से स्वस्थ और सुरक्षित है। न्यूज एजेंसी एएफपी की रिपोर्ट के मुताबिक यूक्रेन ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जब यूक्रेन पर शांति समझौते पर हस्ताक्षर करने के लिए अमेरिका का भारी दबाव बना हुआ है।
यूक्रेन की सुरक्षा सेवा के एक अधिकारी ने बताया कि रूसी शैडो फ्लीट के जहाजों पर हमला करने का संयुक्त अभियान एसबीयू और यूक्रेन की नौसेना ने चलाया गया था। उन्होंने कहा कि हमले का वीडियो देखकर पता चलता है कि दोनों टैंकरों को गंभीर नुकसान हुआ है। इससे रूसी तेल परिवहन को गहरा झटका लगेगा।
जानिए सी बेबी ड्रोन की खासियत
इस ड्रोन की खासियत यह है कि ये पारंपरिक नौसैनिक हथियारों की तरह महंगे और भारी नहीं हैं। वे बेहद स्मार्ट, तेज और मुश्किल से पकड़े जाने वाले सिस्टम हैं। ये ड्रोन इतने छोटे हैं कि समुद्र की लहरों के बीच गायब हो जाते हैं और अंतिम सेकंड में ही पता चलता है कि हमला कहां से हो रहा है।