
Chhath Geet: छठ पूजा का माहौल अब पूरी तरह भक्तिमय हो चुका है। घाटों की सफाई होचुकी है, प्रसाद बन रहा है और घर-आंगन में गूंज रहे हैं छठ के पारंपरिक लोकगीत। ये गीत सिर्फ सुर नहीं हैं, ये आस्था, परंपरा और भावनाओं का संगम हैं, जो पीढ़ियों से छठी मैया की पूजा में शामिल रहे हैं।
छठ पूजा के दौरान गाए जाने वाले गीतों में मां, बहन, बेटी और व्रती की भावनाएं झलकती हैं। शारदा सिन्हा की आवाज में गाया गया "पहिले पहिले छठी मैया" आज भी छठ गीतों की पहचान बना हुआ है।इसके अलावा छठ पर "उग हो सूरज देव", "पिंडिया के फूलवा", "कांच ही बांस के बहंगिया" जैसे गीतों में पूजा की तैयारी और घर की रौनक दिखाई देती है।
भले ही समय बदल गया हो, लेकिन छठ गीतों की लोकप्रियता कम नहीं हुई है। आज के दौर में पवन सिंह, अक्षरा सिंह और खेसारी लाल यादव जैसे कलाकारों ने छठ गीतों को नए अंदाज में पेश किया है। "छठी मइया के बरतिया", "छठी मइया आयेली अंगना", और "दरस देखाई दिही छठी मइया" जैसे गीत सोशल मीडिया पर खूब ट्रेंड कर रहे हैं।
इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर छठ गीतों की रील्स और वीडियो वायरल हो रहे हैं। "अंगना में पोखरी खुदाईब", "छठ घाट पे आईल बानी", और "छठी मइया के महिमा अपार" जैसे गीतों पर लोग श्रद्धा के साथ वीडियो बना रहे हैं। इन गीतों ने छठ पूजा को डिजिटल युग में भी जीवंत बनाए रखा है।
छठ गीतों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि ये पीढ़ी दर पीढ़ी चले आ रहे हैं। दादी-नानी से मां और अब बेटियों तक, ये गीत एक सांस्कृतिक विरासत हैं। इनमें न कोई तामझाम है, न कोई दिखावा बस सच्ची श्रद्धा और लोक की मिठास है। छठ पूजा में गीतों की गूंज ही माहौल को भक्तिमय बना देती है।
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