
नवरात्रि का नौ दिन का पर्व इस साल 22 सितंबर से शुरू हो चुका है। अब जैसे-जैसे सप्तमी, अष्टमी और नवमी नजदीक आ रही हैं, वैसे ही अब लोग सटीक त्योहार की तिथियों के बारे में जानना चाहते हैं। अगर आप भी इनमें से एक हैं, जिन्हें तिथि को लेकर शंका है तो आर्टिकल आपके लिए है।
इस बार दुर्गा पूजा का पांच दिन का भव्य उत्सव 27 सितंबर से शुरू होगा और 2 अक्टूबर यानी गुरुवार को दुर्गा विसर्जन के साथ समाप्त होगा। इन दिनों में पूजा, अनुष्ठान और सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जो अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है। इस अवसर पर भक्त मां दुर्गा के मायके आगमन को मनाने के लिए पंडालों में बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।
इस बार शारदीय नवरात्रि में महासप्तमी का पर्व 29 सितंबर 2025 यानी की सोमवार को मनाया जा रहा रहा है। मां कालरात्रि को यह तिथि समर्पित होती है। भक्त इस दिन मां कालरात्रि को प्रसन्न करने के लिए गहरे नीले रंग वस्त्र पहन सकते हैं। इस बार सप्तमी तिथि की शुरुआत- 28 सितंबर को दोपहर 02.28 बजे से होगी और सप्तमी तिथि का समापन- 29 सितंबर को शाम 04.31 बजे तक होगी।
महाअष्टमी का पर्व 30 सितंबर को मनाया जाएगा। इस दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है, जो आदिशक्ति का एक स्वरूप हैं। वे पवित्रता, शांति और सादगी का प्रतीक मानी जाती हैं। मान्यता है कि इसी दिन मां दुर्गा ने चंड, मुंड और रक्तबीज जैसे असुरों का वध किया था।
महा नवमी 1 अक्टूबर यानी बुधवार को मनाई जाएगी। इस दिन मां दुर्गा को महिषासुरमर्दिनी के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि इसी दिन मां ने भैंस रूपी राक्षस महिषासुर का वध किया था। यह दिन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।
दशहरा, जिसे विजयादशमी या दशहरा भी कहते हैं, भगवान श्रीराम की रावण पर विजय के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)