Durga Puja 2025: कब है सप्तमी, महाअष्टमी, नवमी और दशहरा? चेक करें त्योहारों की पूरी लिस्ट

इस साल नवरात्रि 22 सितंबर से शुरू हुई। दुर्गा पूजा 27 सितंबर से 2 अक्टूबर तक मनाई जाएगी। महासप्तमी 29 सितंबर, महाअष्टमी 30 सितंबर और महा नवमी 1 अक्टूबर को होगी, जो अच्छाई की विजय का प्रतीक है।

Manali Rastogi
पब्लिश्ड26 Sep 2025, 04:13 PM IST
दुर्गा पूजा
दुर्गा पूजा

नवरात्रि का नौ दिन का पर्व इस साल 22 सितंबर से शुरू हो चुका है। अब जैसे-जैसे सप्तमी, अष्टमी और नवमी नजदीक आ रही हैं, वैसे ही अब लोग सटीक त्योहार की तिथियों के बारे में जानना चाहते हैं। अगर आप भी इनमें से एक हैं, जिन्हें तिथि को लेकर शंका है तो आर्टिकल आपके लिए है।

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इस बार दुर्गा पूजा का पांच दिन का भव्य उत्सव 27 सितंबर से शुरू होगा और 2 अक्टूबर यानी गुरुवार को दुर्गा विसर्जन के साथ समाप्त होगा। इन दिनों में पूजा, अनुष्ठान और सांस्कृतिक रंगारंग कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जो अच्छाई की बुराई पर जीत का प्रतीक है। इस अवसर पर भक्त मां दुर्गा के मायके आगमन को मनाने के लिए पंडालों में बड़ी संख्या में पहुंचते हैं।

कब है महासप्तमी?

इस बार शारदीय नवरात्रि में महासप्तमी का पर्व 29 सितंबर 2025 यानी की सोमवार को मनाया जा रहा रहा है। मां कालरात्रि को यह तिथि समर्पित होती है। भक्त इस दिन मां कालरात्रि को प्रसन्न करने के लिए गहरे नीले रंग वस्त्र पहन सकते हैं। इस बार सप्तमी तिथि की शुरुआत- 28 सितंबर को दोपहर 02.28 बजे से होगी और सप्तमी तिथि का समापन- 29 सितंबर को शाम 04.31 बजे तक होगी।

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कब और क्यों मनाई जाती है महाअष्टमी?

महाअष्टमी का पर्व 30 सितंबर को मनाया जाएगा। इस दिन मां महागौरी की पूजा की जाती है, जो आदिशक्ति का एक स्वरूप हैं। वे पवित्रता, शांति और सादगी का प्रतीक मानी जाती हैं। मान्यता है कि इसी दिन मां दुर्गा ने चंड, मुंड और रक्तबीज जैसे असुरों का वध किया था।

कब और क्यों मनाई जाती है महानवमी?

महा नवमी 1 अक्टूबर यानी बुधवार को मनाई जाएगी। इस दिन मां दुर्गा को महिषासुरमर्दिनी के रूप में पूजा जाता है। मान्यता है कि इसी दिन मां ने भैंस रूपी राक्षस महिषासुर का वध किया था। यह दिन बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है।

दशहरा / विजयादशमी

दशहरा, जिसे विजयादशमी या दशहरा भी कहते हैं, भगवान श्रीराम की रावण पर विजय के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।

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महत्वपूर्ण पूजा तिथियां और मुहूर्त

  • नवरात्रि दिन 8 – महाअष्टमी (30 सितंबर)
  • अष्टमी तिथि प्रारंभ : 29 सितंबर शाम 4:31 बजे
  • अष्टमी तिथि समाप्त : 30 सितंबर शाम 6:06 बजे
  • नवरात्रि दिन 9 – महा नवमी (1 अक्टूबर)
  • नवमी तिथि प्रारंभ : 30 सितंबर शाम 6:06 बजे
  • नवमी तिथि समाप्त : 1 अक्टूबर शाम 7:01 बजे
  • नवरात्रि दिन 10 – दशहरा/विजयादशमी (2 अक्टूबर)
  • दशमी तिथि प्रारंभ : 1 अक्टूबर शाम 7:01 बजे
  • दशमी तिथि समाप्त : 2 अक्टूबर शाम 7:10 बजे
  • विजय मुहूर्त : 2 अक्टूबर दोपहर 2:09 से 2:56 बजे तक
  • अपराह्न पूजा समय : 2 अक्टूबर दोपहर 1:21 से 3:44 बजे तक
  • श्रवण नक्षत्र प्रारंभ : 2 अक्टूबर सुबह 9:13 बजे
  • श्रवण नक्षत्र समाप्त : 3 अक्टूबर सुबह 9:34 बजे

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)

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