Sheetala Ashtami: स्वास्थ्य समस्याओं से छुटकारा पाने के लिए शीतला अष्टमी पर करें ये 5 उपाय, बनी रहेगी माता शीतला की कृपा

माता शीतला को समर्पित शीतला अष्टमी 11 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। इस दिन नीम का उपयोग, शीतला अष्टक का पाठ, दही का दान, पशु-पक्षियों की सेवा और माता को बासी भोग चढ़ाना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इन उपायों से स्वास्थ्य लाभ, रोगों से सुरक्षा और माता का आशीर्वाद मिलता है।

Manali Rastogi
अपडेटेड9 Mar 2026, 07:04 AM IST
शीतला अष्टमी
शीतला अष्टमी

Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी 2026 इस साल 11 मार्च 2026 को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार यह चैत्र कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को पड़ती है। यह दिन माता शीतला की पूजा को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन माता शीतला की पूजा करने से सुख-समृद्धि, अच्छा स्वास्थ्य और बड़ी बीमारियों से सुरक्षा का आशीर्वाद मिलता है। इस दिन कुछ खास उपाय करने से भी माता की कृपा प्राप्त होती है।

स्वास्थ्य समस्याओं से राहत पाने के लिए करें ये 5 उपाय

1. नीम के पत्तों का उपयोग करें: माता शीतला को स्वच्छता और स्वास्थ्य की देवी माना जाता है। यदि घर में किसी को त्वचा से जुड़ी समस्या या मुंहासे हों, तो पूजा में नीम के पत्तों का उपयोग करना शुभ माना जाता है। नीम को देवी का रूप भी माना जाता है। पूजा के बाद नीम के पत्तों को पानी में उबालकर उससे स्नान करें। आप घर के मुख्य दरवाजे पर भी नीम के पत्ते टांग सकते हैं।

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2. शीतला अष्टक का पाठ करें: अगर घर में कोई व्यक्ति लंबे समय से बीमार है, तो शीतला अष्टमी के दिन पूजा के दौरान शीतला अष्टक का श्रद्धा से पाठ करें और उस व्यक्ति के अच्छे स्वास्थ्य के लिए माता शीतला से प्रार्थना करें। माना जाता है कि इससे माता की कृपा प्राप्त होती है।

3. दही का दान करें: दही माता शीतला को बहुत प्रिय माना जाता है। गर्मियों की शुरुआत में दही स्वास्थ्य के लिए भी बहुत लाभकारी होता है। इस दिन किसी जरूरतमंद व्यक्ति या मंदिर में मिट्टी के बर्तन में दही और चीनी का दान करें। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार इससे कुंडली में चंद्र और शुक्र ग्रह मजबूत होते हैं, जिससे शारीरिक बीमारियों के साथ-साथ मानसिक तनाव भी कम हो सकता है।

4. पशु-पक्षियों की सेवा करें: शीतला अष्टमी के दिन गाय, कुत्तों और अन्य पशुओं को भोजन कराना शुभ माना जाता है। ऐसा करने से देवी शीतला प्रसन्न होती हैं और पुण्य की प्राप्ति होती है। स्वास्थ्य लाभ के लिए कुत्तों को दूध, गाय को चारा और पक्षियों को अनाज खिलाना अच्छा माना जाता है।

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5. माता को बासी भोग लगाएं: शीतला अष्टमी पर बासी भोजन चढ़ाने की विशेष परंपरा है। अगर बच्चों को बार-बार बीमारी होती है, तो सप्तमी की रात गुड़ से मीठे चावल या रबड़ी बनाकर रख लें। अगले दिन अष्टमी की सुबह इसे माता शीतला को भोग लगाएं और फिर बच्चों में प्रसाद के रूप में बांट दें। मान्यता है कि ठंडे या बासी भोजन से माता शीतला प्रसन्न होती हैं और बच्चों को बुखार व संक्रमण जैसी बीमारियों से बचाती हैं।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)

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