Shri Sanwaliyaji Seth Temple: चित्तौड़गढ़ के मेवाड़ इलाके में स्थित कृष्णधाम श्री सांवलियाजी सेठ मंदिर एक बार फिर भक्ति और आस्था के लिए मिसाल बन गया है। हाल ही में मंदिर का भंडार खोला गया, जिसने एक बार फिर से सभी को चौंका दिया। इस बार तो मंदिर के दान पात्र से निकली रकम ने पुराने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए।
भंडार में मिली कितनी रकम?
19 नवंबर को जब श्री सांवलिया सेठ का भंडार खोला गया, तो वहां दान पेटी में मिली रकम की कई दिनों तक गिनती चली। ट्रस्ट के कर्मचारियों और बैंक अधिकारियों की मौजूदगी में शुरू हुई नोटों की गिनती कल पूरी हुई। छह चरणों में हुई नोटों की गितनी के बाद पता चला कि श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी के चरणों में कुल 51 करोड़ 27 लाख 30 हजार 112 रुपये का चढ़ावा अर्पित किया है। ये पहला मौका है जब सांवलियाजी के भंडार ने 51 करोड़ का आंकड़ा पार किया है, इसलिए मंदिर परिसर में भी इसे रिकॉर्ड तोड़ भेंट के रूप में याद किया जा रहा है।
भक्तों ने चढ़ाई 2 क्विंटल चांदी
भक्तों ने डिजिटल तरीके से भी दिल खोलकर दान दिया है। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए अकेले 10 करोड़ 52 लाख 89 हजार 569 रुपये मंदिर की तिजोरी तक पहुंचे हैं। वहीं भक्तों ने इसके अलावा करीब 2 क्विंटल चांदी तथा एक किलो सोना भी चढ़ाया है।
स्थानीय लोग बताते हैं कि सांवलियाजी सेठ को मेवाड़ ही नहीं, पूरे राजस्थान और देश के व्यापारी अपना बिज़नेस पार्टनर मानते हैं। कोई नया कारोबार शुरू करना हो, बड़ा सौदा करना हो या फिर जीवन की किसी मुश्किल से निकलने की आस हो, तो व्यापारी परिवार पहले यहां माथा टेकने पहुंचते हैं। रिकॉर्ड तोड़ चढ़ावे के पीछे भी यही विश्वास काम करता नजर आता है कि जो कुछ मिला है, वह सेठजी की कृपा से मिला है, इसलिए हिस्सा पहले उन्हीं का बनता है। बता दें कि ट्रस्ट आम तौर पर इस चढ़ावे का बड़ा हिस्सा धार्मिक अनुष्ठानों के साथ‑साथ सेवा कार्यों पर खर्च करता है।