सिद्धार्थ मल्होत्रा अपने पिता सुनील मल्होत्रा के निधन से गहरे दुख में हैं। सुनील मल्होत्रा का चार दिन पहले दिल्ली में निधन हो गया। इस कठिन समय में सिद्धार्थ अपनी पत्नी कियारा अडवानी के साथ तुरंत दिल्ली पहुंचे और परिवार के साथ अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
सुनील मल्होत्रा मर्चेंट नेवी में कैप्टन रह चुके थे। वे कुछ समय से बीमार चल रहे थे। पिता के निधन के बाद सिद्धार्थ ने उनके लिए एक भावुक संदेश लिखा। उन्होंने कहा कि उनके पिता बेहद ईमानदार, सिद्धांतों वाले और संस्कारी व्यक्ति थे। वे हमेशा अपने मूल्यों पर कायम रहे। उनमें अनुशासन था, लेकिन कठोरता नहीं थी। वे मजबूत थे, लेकिन अहंकार नहीं था। जीवन की कठिन परीक्षाओं में भी वे हमेशा सकारात्मक रहे।
सिद्धार्थ ने आगे लिखा कि समुद्र में जहाजों का नेतृत्व करने से लेकर बीमारी का चुपचाप और हिम्मत से सामना करने तक, उनके पिता ने कभी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। स्ट्रोक के बाद व्हीलचेयर पर रहने के बावजूद उनका हौसला कभी नहीं टूटा।
उन्होंने कहा कि पापा की ईमानदारी ही उनकी सबसे बड़ी विरासत है। उनकी ताकत आज भी उन्हें रास्ता दिखाती है और उनकी सकारात्मक सोच पूरे परिवार को जोड़े रखती है। वे नींद में ही शांति से दुनिया छोड़कर चले गए, लेकिन उनकी कमी कभी पूरी नहीं हो सकेगी। सिद्धार्थ ने कहा कि वे आज जो भी हैं, अपने पिता की वजह से हैं और हमेशा उनके नाम, मूल्यों और सीख को आगे बढ़ाते रहेंगे।