अक्सर यह माना जाता है कि हार्ट अटैक बिना किसी पूर्व संकेत के अचानक आता है लेकिन चिकित्सा विशेषज्ञ इससे सहमत नहीं हैं। सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आलोक चोपड़ा के अनुसार, ज्यादातर मामलों में हार्ट अटैक से पहले शरीर कई दिन, हफ्तों या महीनों पहले ही हल्के लेकिन अहम संकेत देने लगता है। ये संकेत इतने सामान्य लगते हैं कि लोग इन्हें थकान, गैस या तनाव मानकर टाल देते हैं, जबकि यही लापरवाही आगे चलकर गंभीर परिणाम ला सकती है।
सीने में दर्द और सांस फूलना, सबसे आम सिग्नल
हार्ट से जुड़ी समस्या का सबसे सामान्य संकेत है मेहनत के दौरान सीने में दर्द या बेचैनी। यह दर्द सीने के बीच से शुरू होकर गले, जबड़े और दोनों हाथों तक फैल सकता है। कई बार ऐसा लगता है जैसे गला भर रहा हो या सांस अटक रही हो। इसी तरह, सीढ़ियां चढ़ते समय या तेज चलने पर सांस का असामान्य रूप से फूलना और रुकने पर राहत मिलना इस बात का संकेत है कि दिल तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पा रही है।
पैरों में सूजन और अचानक वजन बढ़ना भी खतरे की घंटी
अचानक पैरों, टखनों या पंजों में सूजन आना अक्सर लोग सामान्य समझ लेते हैं, लेकिन यह हार्ट फेल्योर की शुरुआती निशानी हो सकती है। शरीर में पानी जमा होने से वजन भी तेजी से बढ़ सकता है। यह संकेत बताता है कि दिल शरीर से रक्त को ठीक से पंप नहीं कर पा रहा है, जिससे तरल पदार्थ जमा होने लगता है।
स्टेमिना कम होना और असामान्य थकान
अगर बिना ज्यादा मेहनत के ही रोजमर्रा के काम भारी लगने लगें, जल्दी थकान हो या पहले जितनी ऊर्जा न रहे, तो इसे उम्र का असर मानकर टालना खतरनाक हो सकता है। यह इस बात का इशारा है कि हार्ट मसल्स को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल रही है। लंबे समय तक इस स्थिति को नजरअंदाज करना हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ा सकता है।
चक्कर, बेहोशी और तेज धड़कन को न करें नजरअंदाज
अचानक चक्कर आना, आंखों के आगे अंधेरा छा जाना, बेहोशी जैसा महसूस होना या दिल की धड़कन बहुत तेज या अनियमित होना गंभीर हार्ट प्रॉब्लम का संकेत हो सकता है। सीनियर कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आलोक चोपड़ा का कहना है कि ये सभी लक्षण हार्ट अटैक से पहले मिलने वाले साफ चेतावनी संकेत हैं। समय रहते जांच और इलाज से दिल और जान दोनों को बचाया जा सकता है।