ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त सैन्य अभियान में मार गिराया। उधर, पाकिस्तान पुलिस ने अपने ही नागरिकों को मार डाला। मारे गए सभी छह पाकिस्तानी अमेरिकी दूतावास के बाहर जुटे प्रदर्शनकारियों में शामिल थे। ये प्रदर्शनकारी खामेनेई की हत्या का विरोध करने कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर जुटे थे। सुन्नी बहुल पाकिस्तान में शिया समेत अन्य समुदाय के मुसलमानों के खिलाफ अत्याचार और हिंसा आम बात है।
पाकिस्तान पुलिस ने की छह शिया मुसलमानों की निर्मम हत्या
पाकिस्तान पुलिस के मुताबिक, वाणिज्य दूतावास के आसपास बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जमा हो गए थे जिसके बाद स्थानीय पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और चेतावनी के तौर पर हवा में गोली चलाई। 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' की खबर के अनुसार 'ईधी इन्फॉर्मेशन' ने पुष्टि की कि माई कोलाची रोड के पास गोलीबारी और झड़प के दौरान छह लोगों की मौत हो गई जबकि कई अन्य घायल हो गए जिन्हें सिविल अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में ले जाया गया।
पाकिस्तानी मंत्री ने कहा- किसी को इजाजत नहीं कि वह...
सिंध के गृह मंत्री जियाउल हसन लंजार ने कराची के अतिरिक्त पुलिस महानिरीक्षक से तत्काल पूरी जानकारी मांगी। उन्होंने कहा, 'किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।' उन्होंने संवेदनशील प्रतिष्ठानों पर सुरक्षा बढ़ाने और विरोध-प्रदर्शन के दौरान यातायात सुचारू रखने के लिए वैकल्पिक मार्ग तय करने को भी कहा।
मंत्री ने कहा, 'कानून प्रवर्तन एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं और स्थिति पर कड़ी नजर रख रही हैं।' उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार, शिया संगठनों ने खामेनेई की मौत के विरोध में कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास तक मार्च निकालने की घोषणा की थी।
87 वर्ष के थे खामेनेई
वर्ष 1989 से ईरान के सर्वोच्च नेता रहे खामेनेई की अमेरिका-इजराइल के हमलों में मौत हो गई। वह 87 वर्ष के थे। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को सोशल मीडिया पोस्ट में खामेनेई की मौत की सूचना दी और इसके कुछ घंटे बाद ईरान के सरकारी टेलीविजन ने भी इसकी पुष्टि की।
(न्यूज एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)