सोचिए, सुबह का सामान या जरूरी दवाइयां अब बाइक या वैन से नहीं, बल्कि आसमान से सीधी आपकी छत पर पहुंचेंगी। यह कोई साइंस फिक्शन नहीं, बल्कि स्काई एयर (Skye Air) नाम की एक भारतीय कंपनी इसे हकीकत बनाने जा रही है। इसी वर्ष दिल्ली-एनसीआर में ड्रोन से डिलीवरी की शुरुआत हो जाएगी, एक ऐसा कदम जो शहरी जीवन की तस्वीर बदल सकता है।
गुरुग्राम से अब दिल्ली का रुख
Skye Air ने अब तक गुरुग्राम और बेंगलुरु के कुछ इलाकों में ड्रोन डिलीवरी शुरू कर दी है। न्यूज वेवसाइट ने बिजनस स्टैंडर्ड ने अपनी रिपोर्ट में कंपनी के सीईओ अंकित कुमार का बयान प्रकाशित किया है। उनके अनुसार, अब दिल्ली, फरीदाबाद और पूरे एनसीआर क्षेत्र में विस्तार की योजना है। शुरुआती चरण में दिल्ली के दक्षिण और पश्चिम हिस्सों में ड्रोन डिलीवरी शुरू की जाएगी। उन्होंने बताया, 'गुरुग्राम में हम 28 पिनकोड में 70 सोसाइटीज़ को कवर कर रहे हैं। इसी तरह हम बेंगलुरु में भी 4-5 नए पिनकोड जोड़ने जा रहे हैं।'
घनी आबादी के इलाकों पर पह फोकस
Skye Air की रणनीति स्पष्ट है। वह उन इलाकों को पहले टारगेट करेगी जहां जनसंख्या घनत्व ज्यादा है और डिलीवरी की मांग लगातार बनी रहती है। दिल्ली में आठ से नौ पिनकोड को कवर करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे न सिर्फ डिलीवरी तेज होगी, बल्कि ट्रैफिक की समस्या से भी राहत मिलेगी।
50 लाख ड्रोन डिलीवरी का है लक्ष्य
साल 2024 में कंपनी ने करीब 12 लाख डिलीवरी की थी, जबकि 2025 में इसका लक्ष्य 50 लाख तक पहुंचने का है। अभी हर महीने औसतन 1.5 लाख पैकेज ड्रोन के जरिए पहुंचाए जा रहे हैं। Skye Air ने Blue Dart, DTDC, Ecom Express जैसी 12 लॉजिस्टिक्स कंपनियों के साथ साझेदारी की है, और साल के अंत तक यह संख्या 17 से 18 तक पहुंचने की उम्मीद है।
चार किलो का बोझ, दस किलो तक की ताकत
कंपनी के ड्रोन औसतन चार किलो वजन ले जा सकते हैं, और अधिकतम दस किलो तक का भार उठाने की क्षमता रखते हैं। यानी दैनिक जरूरत की चीजें जैसे ग्रॉसरी, दवाइयां, छोटे गैजेट्स अब आसानी से और सुरक्षित ढंग से पहुंच सकेंगी।
ऑपरेशन्स टीम भी बढ़ेगी
कंपनी में इस समय 95 लोग काम कर रहे हैं, जिसमें से ड्रोन पायलट्स और हब मैनेजर्स जैसे 55 से 60 कर्मचारी ऑपरेशन्स टीम में हैं। अंकित कुमार का कहना है कि साल के अंत तक ऑपरेशन्स टीम में 1.5 गुना बढ़ोतरी की जाएगी।
अगले वर्ष इन शहरों में विस्तार की योजना
Skye Air का यह कदम सिर्फ तकनीकी उन्नति नहीं, बल्कि शहरी डिलीवरी सिस्टम का भविष्य है। जैसे-जैसे कंपनी दिल्ली-एनसीआर से आगे मुंबई, पुणे और हैदराबाद तक अपना विस्तार करेगी, यह देश में लॉजिस्टिक्स के तरीके को एक नई दिशा देगा। सीईओ अंकित कुमार ने उम्मीद जताई कि दिल्ली-एनसीआर से निकलकर आगे का विस्तार अगले वर्ष किया जाएगा।