फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) भारत में सबसे लोकप्रिय और सुरक्षित निवेश विकल्पों में से एक है। इसमें निवेशक अपनी रकम 7 दिन से लेकर 10 साल तक की अवधि के लिए जमा कर सकते हैं और मैच्योरिटी पर उन्हें मूल धन के साथ ब्याज भी मिलता है।
हाल के वर्षों में स्मॉल फाइनेंस बैंक (Small Finance Banks) की एफडी योजनाएं ज्यादा लोकप्रिय हुई हैं क्योंकि ये पारंपरिक बैंकों की तुलना में ज्यादा ब्याज दरें दे रही हैं। इससे निवेशकों की रुचि इनकी ओर बढ़ी है।
दूसरी ओर, डाकघर की एफडी योजनाएं भी लोगों के बीच बहुत लोकप्रिय हैं। ये योजनाएं भारत सरकार के वित्त मंत्रालय की गारंटी से सुरक्षित हैं, इसलिए इनमें पूंजी का जोखिम बहुत कम होता है और आय स्थिर रहती है। दोनों ही विकल्प सुरक्षित और भरोसेमंद रिटर्न देते हैं, लेकिन इनके ब्याज दरों में फर्क होता है। आइए इसे समझते हैं।
ब्याज दरें
स्मॉल फाइनेंस बैंक:
- इस साल स्मॉल फाइनेंस बैंक सबसे ज्यादा ब्याज दरें दे रहे हैं।
- Suryoday Small Finance Bank: वरिष्ठ नागरिकों के लिए 5 साल की अवधि पर 8.1% तक ब्याज।
- Jana Small Finance Bank: लगभग 8% तक ब्याज दे रहा है।
डाकघर एफडी:
डाकघर की एफडी पर ब्याज थोड़ा कम है लेकिन पूरी तरह सरकारी गारंटी के साथ आती है।
अक्टूबर 2025 के अनुसार ब्याज दरें:
लिक्विडिटी और सुविधा
डाकघर एफडी:
- पूरे भारत में आसानी से उपलब्ध।
- जमा की तारीख से 6 महीने बाद ही निकासी की जा सकती है।
- समय से पहले निकालने पर ब्याज दर थोड़ी घटाई जा सकती है।
स्मॉल फाइनेंस बैंक एफडी:
- इन्हें भी मैच्योरिटी से पहले तोड़ा जा सकता है,
- लेकिन ऐसा करने पर आमतौर पर 1% तक ब्याज दर में कटौती की जाती है।
किसे चुनें?
अगर आप ज्यादा रिटर्न चाहते हैं, और थोड़ी टैक्स व लिक्विडिटी की जटिलता से परेशान नहीं हैं, तो स्मॉल फाइनेंस बैंक एफडी बेहतर है। अगर आप सुरक्षा, टैक्स बचत और सरकारी गारंटी को प्राथमिकता देते हैं, तो डाकघर एफडी आपके लिए सही विकल्प है।
स्मॉल फाइनेंस बैंक एफडी पर ब्याज दरें अधिक हैं, जबकि डाकघर एफडी सरकारी सुरक्षा के साथ स्थिर रिटर्न देती है। ऐसे में आपको वही विकल्प चुनना चाहिए जो आपके वित्तीय लक्ष्य, जोखिम सहनशीलता और निवेश अवधि के अनुसार सही बैठे।