
Health risks of social jetlag: अक्सर लोग सोचते हैं कि जेटलैग सिर्फ लंबी हवाई यात्रा से होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि घर बैठे भी आप इसका शिकार हो सकते हैं? शहरी जीवनशैली और वीकेंड की मौज-मस्ती के चक्कर में लाखों भारतीय अपनी जैविक घड़ी से खिलवाड़ कर रहे हैं। काम के दिनों और छुट्टी के दिनों में सोने-जागने के समय का यह बड़ा अंतर आपकी सेहत पर भारी पड़ सकता है।
सोशल जेटलैग तब होता है जब आपके ऑफिस के दिनों और छुट्टी के दिनों के सोने-जागने के समय में बहुत अंतर आ जाता है। यह आपकी बॉडी क्लॉक और सामाजिक शेड्यूल के बीच तालमेल बिगड़ने के कारण होता है। मान लीजिए आप ऑफिस जाने के लिए रात 11:30 बजे सोते हैं और सुबह 6 बजे जागते हैं। वहीं वीकेंड पर आप रात 3 बजे तक वेब सीरीज देखते हैं या पार्टी करते हैं और दोपहर में सोकर उठते हैं। सोमवार की सुबह जब ये दो अलग-अलग टाइम जोन टकराते हैं, तो शरीर इसे झेल नहीं पाता।
नींद की दवा के विशेषज्ञ डॉ. जेसी सूरी के अनुसार, सोने और जागने के मध्यबिंदु में एक घंटे से अधिक का अंतर खतरनाक है। यह शरीर की कार्यप्रणाली पर साप्ताहिक तनाव पैदा करता है। इससे शरीर के हार्मोन, मेटाबॉलिज्म और बीमारियों से लड़ने की क्षमता (Immunity) पर बुरा असर पड़ता है।
नवंबर 2025 के एक अध्ययन में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। जो लोग सामान्य अवधि की नींद लेते हैं, लेकिन उनके वीकेंड और वर्कडे के समय में एक घंटे से ज्यादा का अंतर है, उनमें मेटाबॉलिक सिंड्रोम की संभावना बढ़ जाती है। इसके कारण डायबिटीज, स्ट्रोक और दिल से जुड़ी बीमारियों का जोखिम काफी ज्यादा हो जाता है।
सोशल जेटलैग के कारण सिर्फ थकान ही नहीं होती, बल्कि कई और लक्षण भी दिखते हैं। इनमें शामिल हैं...
अपनी बॉडी क्लॉक को दोबारा पटरी पर लाने के लिए कुछ आसान कदम उठाए जा सकते हैं। जैसे...
निश्चित समय: ऑफिस हो या छुट्टी, रोज जागने का एक ही समय तय करें।
कैफीन से दूरी: देर शाम चाय, कॉफी या ज्यादा मीठी चीजों का सेवन न करें।
डिजिटल डिटॉक्स: सोने से कम से कम एक घंटा पहले मोबाइल और लैपटॉप की स्क्रीन से दूर हो जाएं।
धूप का सहारा: सुबह की धूप बॉडी क्लॉक को रीसेट करने का सबसे अच्छा तरीका है।
रिलैक्स करें: सोने से पहले नहाने या किताब पढ़ने जैसी रिलैक्स करने वाली दिनचर्या अपनाएं।
Disclaimer: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। स्वास्थ्य संबंधी कोई भी निर्णय प्रमाणित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सुझाव के आधार पर ही लें। आपके किसी भी कार्य या निर्णय के लिए मिंट हिंदी तनिक भी उत्तरदायी नहीं है।
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