
Sonam Wangchuk Health: राष्ट्रीय राजधानी में जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन के 21वें दिन शनिवार को सफरदजंग अस्पताल में भर्ती कराये गये सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने निर्जलीकरण और चयापचय संबंधी समस्याओं के बावजूद नसों के माध्यम से दिये जाने वाले तरल पदार्थ और किसी भी तरह की दवा लेने से इनकार कर दिया है। अस्पताल के अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।उन्होंने बताया कि उनकी लगातार चिकित्सकीय निगरानी की जा रही है और उनके स्वास्थ्य के हित को ध्यान में रखते हुए इलाज कराने के लिए उन्हें समझाया जा रहा है।
अस्पताल ने स्वास्थ्य बुलेटिन में कहा कि 59 वर्षीय वांगचुक को दिल्ली पुलिस अस्पताल लेकर आई और सुबह सात बजकर 40 मिनट पर भर्ती कराया गया। वो 20 दिनों से अनशन पर थे और कमजोरी महसूस हो रही थी।इसमें कहा गया है कि भर्ती के समय वह होश में थे और उनकी नाड़ी, रक्तचाप तथा ऑक्सीजन का स्तर स्थिर था। उनमें निर्जलीकरण के लक्षण दिखाई दिए।
बुलेटिन में कहा गया है कि रक्त विश्लेषण में कम सीरम पोटेशियम के साथ संतुलित एसिडोसिस पाया गया, जबकि रक्त शर्करा का स्तर 78 एमजी/डीएल था। सीरम पोटेशियम की दोबारा की गई जांच में भी परिणाम लगभग समान रहा।इसमें कहा गया है कि भर्ती के समय मूत्र में कीटोन का स्तर 1+ था, जो दोपहर एक बजे तक बढ़कर 3+ हो गया।
अस्पताल के एक बयान के अनुसार कि हालांकि उन्हें नसों के माध्यम से दिए जाने वाले तरल पदार्थ लेने की सलाह दी गई थी, लेकिन मरीज ने कोई भी तरल पदार्थ या किसी भी तरह की दवा लेने से इनकार कर दिया है। डॉक्टर्स उनकी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं और उनके स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इलाज कराने के लिए उन्हें समझा रहे हैं।
सूत्रों ने बताया कि चिकित्सकों ने उनके परिवार को सलाह दी है कि वे बिना किसी और देरी के इलाज शुरू करने की अनुमति दें। उनके अस्पताल में भर्ती होने के कुछ समय बाद, वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने अस्पताल से अनुरोध किया कि उनकी सहमति के बिना कोई भी इलाज न किया जाये और उन्होंने उन्हें छुट्टी देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी चिकित्सा देखभाल में पारदर्शिता की कमी है।
वांगचुक को अनशन के 21वें दिन तबीयत बिगड़ने के बाद सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया। दिल्ली पुलिस ने कहा कि चिकित्सकीय सलाह और उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप वांगचुक को अस्पताल ले जाया गया। सफदरजंग अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक को लिखे गए दो पत्रों में आंग्मो ने स्पष्ट किया है कि उनकी अनुमति के बिना वांगचुक को न तो कोई दवा दी जाए और न ही नस के माध्यम से कोई दवा या तरल पदार्थ चढ़ाया जाए।
बता दें कि वांगचुक राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) में कथित अनियमितताओं और इस विवाद से जुड़े विद्यार्थियों की मौतों के मामलों को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में जारी विरोध प्रदर्शन के समर्थन में 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।
पिछले तीन सप्ताह के दौरान उनके स्वास्थ्य में लगातार गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को चिकित्सकों ने बताया था कि भूख हड़ताल शुरू होने के बाद से उनका वजन करीब 9.5 किलोग्राम घट गया है। साथ ही उनके रक्तचाप और रक्त शर्करा के स्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। वांगचुक ने शुक्रवार रात कहा था कि बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति के बावजूद वह अपना अनशन जारी रखने के लिए दृढ़ हैं।
Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.
Oops! Looks like you have exceeded the limit to bookmark the image. Remove some to bookmark this image.