
मंगलवार का दिन कांग्रेस पार्टी और खासकर गांधी परिवार के लिए खासा अमंगल लेकर आया। सुबह कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष और राज्यभा सांसद सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के प्रवर्तन निदेशालय (ED) ऑफिस पहुंचने तो शाम में खुद सोनिया गांधी के ही ईडी की चार्जशीट में नाम होने की खबर आ गई। सास और दामाद, दोनों पर ईडी की ही कार्रवाई हुई है और दोनों अरबों रुपयों की संपत्तियों की हेरफेर के मामलों में आरोपी बनाए गए हैं। ईडी रॉबर्ट वाड्रा पर हरियाणा के शिकोहाबाद में जमीन खरीद में घोटाले के आरोप में पूछताछ कर रही है, वहीं नैशनल हेरल्ड केस में एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में सोनिया गांधी का नाम दर्ज किया है। ईडी की चार्जशीट पर अदालत में 25 अप्रैल को सुनवाई होगी।
बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी की तरफ से दायर मुकदमे की जांच में ईडी ने 9 अप्रैल को अदालत में अपनी चार्जशीट दायर की जिसमें सोनिया के साथ-साथ उनके पुत्र राहुल गांधी का भी नाम शामिल है। राहुल गांधी भी कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं और अभी लोकसभा में विपक्ष के नेता हैं। ईडी की चार्जशीट में सोनिया-राहुल तो हैं ही, ओवरसीज कांग्रेस के अध्यक्ष सैम पित्रोदा और सुमन दुबे को भी आरोपी बनाया गया है। कांग्रेस पार्टी ने गांधी परिवार के खिलाफ चार्जशीट दायर करने को 'राज्य प्रायोजित अपराध' बताया है। कांग्रेस महासचिव और राहुल गांधी के बेहद खास जयराम रमेश ने एक एक्स पोस्ट में 'प्रधानमंत्री' (नरेंद्र मोदी) और 'गृहमंत्री' (अमित शाह) का जिक्र किया है और कहा कि ये दोनों सोनिया-राहुल को डराना चाहते हैं।
जयराम ने एक्स पर लिखा, ‘नैशनल हेराल्ड की संपत्तियों को जब्त करना एक राज्य प्रायोजित अपराध है, जिसे कानून का नाम देकर छिपाया जा रहा है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी और अन्य नेताओं के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करना केवल प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की बदले की राजनीति और डराने की कोशिश है, जो अब हदें पार कर चुकी है। कांग्रेस पार्टी और उसकी नेतृत्व टीम को चुप नहीं कराया जा सकता। सत्यमेव जयते।’
बहरहाल, विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने नैशनल हेराल्ड से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग (धन शोधन) से जुड़े मामले में दर्ज चार्जशीट का अवलोकर मंगलवार, 15 अप्रैल को किया। स्पेशल जज ने कहा कि इस पर सुनवाई 25 अप्रैल को की जाएगी। तब ईडी के विशेष वकील और जांच अधिकारी को केस डायरी लेकर कोर्ट आना होगा। ईडी सूत्रों के मुताबिक, यह चार्जशीट मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA), 2002 की धारा 44 और 45 के तहत दायर की गई है।
ईडी ने कथित मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी संपत्तियों को अपने कब्जे में लेने के लिए दिल्ली, मुंबई और लखनऊ के प्रॉपर्टी रजिस्ट्रार को पिछले सप्ताह ही नोटिस भेजे थे। ये संपत्तियां मुंबई के बांद्रा (ईस्ट), दिल्ली के बहादुर शाह जफर मार्ग और लखनऊ के बिशेश्वर नाथ रोड पर स्थित हैं। केंद्रीय एजेंसी ने जिंदल साउथ वेस्ट प्रॉजेक्ट्स लिमिटेड को भी नोटिस भेजकर कहा कि वो अब से बांद्रा (ईस्ट) स्थित इमारत की 7वीं, 8वीं और 9वीं मंजिल का किराया उसे ही दिया करे। ईडी का कहना है कि इन संपत्तियों की जांच से पता चला है कि कई तरकीबों से करीब ₹988 करोड़ की अवैध आय (प्रोसीड्स ऑफ क्राइम) का निर्माण, कब्जा और उपयोग किया गया।
एजेंसी ने कहा कि 'अवैध आय को सुरक्षित रखने और आरोपियों द्वारा संपत्तियों को बेचने से रोकने के लिए' एसोसिएटेड जर्नल्स लिमिटेड (AJL) की दिल्ली, मुंबई और लखनऊ में स्थित संपत्तियों (कुल मूल्य ₹661 करोड़) और AJL के शेयरों ( ₹90.2 करोड़ मूल्य) को 20 नवंबर, 2023 को अस्थायी रूप से अटैच किया गया था। 10 अप्रैल, 2024 को इस अटैचमेंट को विधिक प्राधिकरण (Adjudicating Authority) से भी मंजूरी मिल गई थी।
एजेंसी ने कहा, 'शिकायत में यह आरोप लगाया गया था कि एक आपराधिक साजिश के तहत सोनिया गांधी, राहुल गांधी, दिवंगत मोतीलाल वोरा, दिवंगत ऑस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और एक निजी कंपनी 'यंग इंडियन' ने मिलकर AJL की ₹2,000 करोड़ से अधिक मूल्य की संपत्तियों को धोखाधड़ी से अपने नाम करवाया।' हालांकि, सोनिया-राहुल समेत अन्य आरोपियों के साथ-साथ कांग्रेस पार्टी ने इन आरोपों को कई बार खारिज किया है।
पटियाला हाउस कोर्ट के मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट ने 26 जून, 2014 को भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी की निजी शिकायत पर जांच का आदेश जारी किया था। इसी के आधार पर मामले की जांच 2021 में शुरू हुई थी। ईडी का कहना है कि जांच में यह साफ हो गया है कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी के स्वामित्व वाली यंग इंडियन कंपनी ने महज 50 लाख रुपये में एजेएल की ₹2,000 करोड़ की संपत्तियां अपने नाम कर लीं। इसके अलावा, यंग इंडियन और एजेएल की इन संपत्तियों का इस्तेमाल आगे मनी लॉन्ड्रिंग के लिए भी किया गया जिसमें 18 करोड़ रुपये के फर्जी चंदे, 38 करोड़ रुपये के फर्जी एडवांस रेंट और 29 करोड़ रुपये के फर्जी विज्ञापनों का आरोप है।
उधर, सोनिया गांधी की पुत्री और केरल की वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के पति रॉबर्ट वाड्रा मंगलवार को दिल्ली में ईडी ऑफिस पहुंचे तो केंद्र सरकार को खूब कोसा। उन्होंने दावा किया कि यह सब उन्हें राजनीति में आने से रोकने के लिए किया जा रहा है। वाड्रा ने कहा, 'मैं देश के मुद्दों पर बोलता हूं, इसलिए सरकार मुझे और राहुल गांधी को रोकना चाहती है। मुझसे 10-10 घंटे तक 15 बार पूछताछ हो चुकी है और मैं 23,000 दस्तावेज जमा कर चुका हूं।' वाड्रा पर हरियाणा के शिकोहपुर में 2008 के जमीन सौदे को लेकर मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है।
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