Special Intensive Revision: देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) के लिए चुनाव आयोग आज शाम को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाला है। इस दौरान निर्वाचन आयोग एसआईआर के पहले चरण की घोषणा कर सकता है, जिसमें 10 से 15 राज्य शामिल होंगे।
इनमें वे राज्य भी शामिल होंगे जहां 2026 में विधानसभा चुनाव होना है। बता दें कि तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी में अगले साल चुनाव होना है।चुनाव आयोग इस बार Special Summary Revision (SSR) की जगह SIR को लागू कर रहा है ताकि मतदाता सूची को लेकर उठे सवालों का समाधान हो सके। ये प्रक्रिया घर-घर जाकर सत्यापन के जरिए होगी, जिससे पारदर्शिता और विश्वसनीयता बढ़ेगी।
किन राज्यों में अभी नहीं होगा SIR?
चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि उन राज्यों में SIR फिलहाल नहीं होगा जहां स्थानीय निकाय चुनाव चल रहे हैं या जल्द होने वाले हैं। उदाहरण के तौर पर महाराष्ट्र को पहले चरण से बाहर रखा गया है।
कुछ दिन पहले ही निर्वाचन आयोग ने राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर एक सम्मेलन किया। इस सम्मेलन की अध्यक्षता मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने की। इस दौरान ज्ञानेश कुमार ने मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को अपने-अपने राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर की तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिये। एसआईआर प्रक्रिया पर आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के प्रस्तुतीकरण के बाद, मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के प्रश्नों का भी समाधान किया गया।
पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का समर्थन करते हुए, राज्य भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि मतदाता सूचियों का पारदर्शी और गहराई से संशोधन किया जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल के नागरिक चाहते हैं कि उनके सामने एक सटीक और निष्पक्ष मतदाता सूची प्रस्तुत की जाए। भट्टाचार्य ने यह भी कहा कि मृत व्यक्तियों के नाम, अवैध घुसपैठियों के नाम, और एक ही व्यक्ति का नाम कई स्थानों पर दर्ज होने जैसी गड़बड़ियों पर तत्काल रोक लगनी चाहिए ताकि चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता बनी रहे।