मोटापे से ग्रस्त लोगों में फ्लू, कोरोना वायरस और निमोनिया जैसी संक्रामक बीमारियों के कारण अस्पताल में भर्ती होने या मौत का खतरा काफी ज्यादा होता है। मेडिकल जर्नल ‘द लांसेट’ में प्रकाशित एक अध्ययन के अनुसार, मोटे लोगों में यह जोखिम सामान्य लोगों की तुलना में लगभग 70 प्रतिशत अधिक है।
शोध में बताया गया है कि 2023 में दुनिया भर में संक्रमण से हुई हर 10 में से 1 मौत मोटापे से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, वैज्ञानिकों ने यह भी कहा है कि मोटापे के असर को समझते समय सावधानी बरतनी चाहिए।
यह अध्ययन ब्रिटेन और फिनलैंड के शोधकर्ताओं ने किया। उन्होंने बताया कि कोरोना महामारी के दौरान मोटापे से ग्रस्त लोगों में सार्स-कोव-2 संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती होने और मौत का खतरा ज्यादा देखा गया। इसके लिए टीम ने यूके बायोबैंक और फिनलैंड से जुड़े 5 लाख 40 हजार से अधिक लोगों के आंकड़ों का विश्लेषण किया।
शोधकर्ताओं के अनुसार, मोटापे से पीड़ित लोगों में संक्रामक बीमारियों के कारण अस्पताल में भर्ती होने या जान जाने की आशंका 70 प्रतिशत ज्यादा होती है। वहीं, बहुत अधिक मोटापे से ग्रस्त लोगों में यह खतरा तीन गुना तक बढ़ जाता है।
अध्ययन में यह भी बताया गया कि 2023 में संक्रामक रोगों से हुई कुल 54 लाख मौतों में से करीब 6 लाख मौतें (लगभग 10.8 प्रतिशत) ऐसी थीं, जिनमें मोटापा एक अहम कारण हो सकता है।