StockGro funding News: भारत के शेयर बाजार में अब आम निवेशकों की एंट्री आसान हो गई है। स्टॉकग्रो (StockGro) के फाउंडर अजय लखोटिया ने अपनी व्यक्तिगत असफलता को एक बड़े मिशन में बदल दिया है। उन्होंने एआई-संचालित प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को निवेश सिखाने का बीड़ा उठाया है। लखोटिया का मानना है कि सही जानकारी ही निवेशक की असली ताकत है।
एक झटके में डूबे 80 लाख रुपये
अजय लखोटिया की निवेश यात्रा काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। साल 2008 के वैश्विक मंदी के दौरान उन्हें बाजार में 80 लाख रुपये का भारी नुकसान हुआ था। इस झटके के बाद उन्होंने बाजार को कोसने के बजाय अपनी कमियों को सुधारने का फैसला किया। उन्होंने सीएफए (CFA) की पढ़ाई की और खुद को एक सट्टेबाज से बदलकर एक गंभीर छात्र के रूप में स्थापित किया।
StockGro: बिना पैसे खोए ट्रेडिंग सीखने का मौका
साल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान जब नए लोग बाजार से जुड़ रहे थे, तब अजय ने देखा कि लोग वही पुरानी गलतियां कर रहे हैं। इसी सोच के साथ उन्होंने 'स्टॉकग्रो' प्लेटफॉर्म शुरू किया। यह एक ऐसा मंच है जहां लोग बिना असली पैसे गंवाए ट्रेडिंग सीख सकते हैं। इस प्लेटफॉर्म ने 1,500 से ज्यादा कॉलेजों के साथ हाथ मिलाया है और 4,100 से ज्यादा इवेंट्स आयोजित किए हैं। लखोटिया कहते हैं कि उनका लक्ष्य सिर्फ मुनाफे के पीछे भागना नहीं, बल्कि हार-जीत के पीछे के कारण को समझना है।
Stoxo: भारत का पहला AI रिसर्च इंजन
2025 में अजय लखोटिया ने ‘स्टॉक्सो’ लॉन्च किया, जो भारत का पहला एआई-आधारित स्टॉक मार्केट रिसर्च इंजन है। यह निवेशकों के मन में जानकारी को लेकर होने वाले डर को दूर करता है। इसमें आप बोलकर या लिखकर सवाल पूछ सकते हैं और यह एआई इंजन सेबी-रजिस्टर्ड विशेषज्ञों के डेटा के आधार पर सटीक जवाब देता है। अजय का मानना है कि वित्तीय सम्मान ज्ञान से मिलता है, किस्मत से नहीं।
8.5 करोड़ डॉलर की फंडिंग के बाद अब क्या?
स्टॉकग्रो की सफलता को देखते हुए निवेशकों ने इसमें जमकर भरोसा दिखाया है। पिछले 5 सालों में कंपनी ने करीब 85 मिलियन डॉलर जुटाए हैं। दिसंबर 2025 में दिग्गज निवेशक मुकुल अग्रवाल के नेतृत्व में कंपनी ने सीरीज बी राउंड में 17 मिलियन डॉलर की फंडिंग हासिल की। यह निवेश स्टॉकग्रो को भारत के एडवाइजरी मार्केट में एक बड़े खिलाड़ी के रूप में स्थापित करता है।
बता दें कि स्टॉकग्रो, बैंगलोर स्थित स्टार्टअप है, जिसे जनवरी 2020 में स्थापित किया गया था। मिलेनियल्स और जेन-जेड पर फोकस के साथ कंपनी मासिक आधार पर 2x बढ़ने का दावा करती है। 23 से 38 वर्ष की आयु वाले लोगों के वर्ग को मिलेनियल्स और जेन-जेड कहा जाता है। Stoxo का एआई इंजन पारंपरिक सर्च इंजन से काफी अलग और एडवांस है। यह केवल डेटा नहीं देता, बल्कि उसे समझाता भी है।