Success Story: किसी भी सपने को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत और दृढ़ निश्चय की जरूरत होती है। कुछ ऐसा ही जम्मू-कश्मीर की रहने वाली IAS अंबिका रैना ने किया। अपना सपना पूरा करने के लिए विदेश की नौकरी छोड़ दी। अंबिका का करियर प्रेरणादायक है। उन्होंने बता दिया कि कठिनाइयों का सामना करके भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनका उदाहरण उन सभी छात्रों के लिए प्रेरणा स्रोत हो सकता है, जो सिविल सेवा की तैयारी कर रहे हैं।
अंबिका रैना का जन्म जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में हुआ था। उनके पिता आर्मी में मेजर जनरल हैं। पापा की ट्रांसफर वाली जॉब होने की वजह से उन्होंने देश के अलग-अलग राज्यों में रहकर अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की है। अंबिका पढ़ाई में बचपन से ही होशियार थीं। उनके माता-पिता ने उनके हर निर्णय को हमेशा सपोर्ट किया और कभी भी अपनी इच्छाएं उन पर नहीं थोपीं।
अंबिका ने गुजरात से किया ग्रेजुएशन
अंबिका रैना ने गुजरात के अहमदाबाद में स्थित CEPT यूनिवर्सिटी से आर्किटेक्ट में ग्रेजुएशन किया है। साल 2020 में ग्रेजुएशन पूरा होने से पहले ही उन्हें स्विट्जरलैंड के ज्यूरिख में स्थित एक कंपनी में इंटर्नशिप करने का मौका मिल गया था। यह उनके लिए बहुत बड़ा अवसर था। इस इंटर्नशिप से उन्हें लाखों रुपए सैलरी वाले कुछ बेहतरीन जॉब ऑफर भी मिले, लेकिन अंबिका का सपना कुछ और ही था। उन्होंने यह सब ठुकराकर इंडिया लौटने का फैसला लिया।
बेहतर रणनीति के साथ अंबिका ने शुरू की तैयारी
इंडिया लौटकर अंबिका रैना ने पूरी मेहनत के साथ UPSC की तैयारी शुरू की। लेकिन पहले दो प्रयास में वो सफल नहीं हो सकीं। दो असफलताओं के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी। हर बार की गलती से उन्होंने सीखा, फिर अपनी स्ट्रैटेजी में बदलाव किया। मॉक टेस्ट दिए। पिछले सालों के पेपर हल किए और टॉपर्स के इंटरव्यू देखे।
उन्होंने UPSC की तैयारी के लिए कुछ खास बुक्स पर भरोसा किया। साल 2022 में यूपीएससी परीक्षा में 164वीं रैंक मिली। अंबिका को तीसरे प्रयास में सफलता मिली। आज अंबिका बतौर आईएएस ऑफिसर काम कर रही हैं। अंबिका रैना की निजी जिंदगी भी काफी चर्चा में रही। उन्होंने IAS अमृतेश शुक्ला से शादी की है। युवाओं को वो हमेशा प्रेरित करती रहती हैं।