Success Story: कोई भी नया विचार किसी को भी कमायाबी दिला सकता है। इसी का उदाहरण तीन दोस्त हैं, जिन्होंने सिर्फ 99 रुपये लगाकर काम शुरू किया और आज करोड़ों के मालिक बन गए हैं। मेरठ के अतुल्य और उनके दो रूममेट्स मनीष और आशय ने मिलकर अप्रैल 2019 में 'प्रेपइंस्टा' नाम की एक एडटेक स्टार्टअप कंपनी की नींव रखी थी। यह स्टार्टअप इंजीनियरिंग और नॉन-इंजीनियरिंग छात्रों को IT कंपनियों में प्लेसमेंट के लिए तैयार करता है। कंपनी 200 से ज्यादा कोर्स कराती है और छात्रों को मुफ्त ट्रायल भी देती है। आइए, यहां अतुल्य कौशिक और उनके दोस्तों की सफलता के सफर के बारे में जानते हैं।
मराठी वेबसाइट महाराष्ट्र टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, अतुल्य कौशिक उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले हैं। उन्होंने मेरठ में दयावती मोदी एकेडमी से 12वीं की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद, उन्होंने VIT, वेल्लोर से कंप्यूटर साइंस में B.Tech की डिग्री ली। अतुल्य कौशिक ने अपने करियर की शुरुआत गूगल पे जैसी बड़ी कंपनी में टेक्निकल लीड के तौर पर की थी। बाद में, उन्होंने बेंगलुरु के फिनटेक स्टार्टअप इंस्टामोजो में काम किया। यहीं पर उन्हें एहसास हुआ कि स्टूडेंट्स में जॉब के लिए सही नॉलेज और तैयारी की कमी है।
स्टार्टअप शुरू करने के लिए मिला प्रोत्साहन
अतुल्य कौशिक ने mygeekmonkey.com नाम से एक साइड बिजनेस शुरू किया। इस वेबसाइट पर उन्होंने नौकरी से जुड़े टिप्स वाली PDF 99 रुपये में बेचीं। पहले दिन उन्हें 299 रुपये की कमाई हुई। 9 महीने में यह इनकम 45 लाख रुपये तक पहुंच गई। इस सफलता ने उन्हें नौकरी छोड़कर फुल-टाइम स्टार्टअप शुरू करने का प्रोत्साहन मिला।
तीन दोस्तों ने 99 रुपये लगाकर शुरू किया बिजनेस
महाराष्ट्र टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, साइड बिजनेस की सफलता के बाद, अतुल्य ने अपने दो पुराने दोस्तों, मनीष अग्रवाल और आशय मिश्रा से मदद ली। दोनों ने मिलकर 'mygeekmonkey.com' का नाम बदलकर 'PrepInsta' कर दिया। उन्होंने सिर्फ 99 रुपये में एक नया डोमेन खरीदा। अप्रैल 2019 में, उन्होंने नोएडा में एक छोटी सी जगह से कंपनी शुरू की। शुरुआत दौर में, उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती काबिल कर्मचारियों को काम पर रखना था। कम रिसोर्स के कारण, वे ज़्यादा सैलरी नहीं दे सकते थे।
संघर्ष से भरे रहे शुरुआती दिन
ज्यादा सैलरी नहीं देने के बावजूद भी उन्हें कुछ मेहनती लोग मिल गए। इसके अलावा, सोल प्रोप्राइटरशिप होने के कारण, उन्हें लगातार बढ़ते बैंक ट्रांज़ैक्शन का हिसाब रखना पड़ता था। अतुल्य कौशिक और उनके दोस्तों ने कंपनी के लिए एक अनोखा बिज़नेस मॉडल बनाया। उन्होंने खुद को सिर्फ़ नौकरी ढूंढने वालों तक सीमित नहीं रखा। इसके बजाय, उन्होंने अपने बिज़नेस को तीन अलग-अलग तरीकों से बढ़ाया। सबसे पहले, वे स्टूडेंट्स को 1-2 महीने के लिए फ़्री ट्रायल देते हैं।
क्या स्टूडेंट्स को मिलता है डिस्काउंट
फिर उन्हें ‘प्रेपइंस्टा प्राइम’ पैकेज खरीदने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। इस पैकेज में 200 से अधिक कोर्सेस शामिल हैं। दूसरा, वे कंपनियों को सीधे तौर पर प्लेसमेंट-रेडी स्टूडेंट उपलब्ध कराते हैं। बदले में छात्रों के सालाना पैकेज का 5-10% हिस्सा लेते हैं। तीसरा, वे कॉलेजों के साथ भी पार्टनरशिप करते हैं, जिससे कॉलेज के छात्रों को रियायती दरों पर सब्सक्रिप्शन मिल सके और उनका प्लेसमेंट रेट बेहतर हो सके।
पांच साल में 8 करोड़ का टर्नओवर
इस वेंचर का बिजनेस तेजी से बढ़ा है। अपनी शुरुआत होने से 5 साल के अंदर कंपनी का टर्नओवर 8 करोड़ रुपये पहुंच गया। हर महीने 20 लाख से ज्यादा लोग उनकी वेबसाइट पर आते हैं। 7.5 करोड़ से अधिक लोग उनके फ्री कंटेंट का फायदा उठा चुके हैं। अब तक 3 लाख से ज्यादा छात्रों ने उनका सब्सक्रिप्शन लिया है।
इनमें से तमाम को टीसीएस, एमेजॉन और डेलॉइट जैसी टॉप कंपनियों में नौकरी मिल चुकी है। सबसे बड़ा पैकेज 1.03 करोड़ रुपये का रहा है। अतुल्य कौशिक का मानना है कि शिक्षा के क्षेत्र में उनके परिवार की पृष्ठभूमि ने उन्हें इस राह पर चलने की प्रेरणा दी। अतुल्य कौशिक की कहानी हमें सिखाती है कि अगर हमारे पास अच्छा आइडिया है और हम मेहनत करने के लिए तैयार हैं तो हम कुछ भी हासिल कर सकते हैं।