Success Story: हर सफल व्यक्ति का जीवन एक साधारण शुरुआत से शुरू होता है, जहां उन्हें संसाधनों और अवसरों की कमी का सामना करना पड़ता है। इसके बावजूद मेहनत करने से पीछे नहीं हटते हैं। कुछ ऐसी आज हम एक ऐसे शख्स की कहानी बता रहे हैं, जिन्होंने हजार रुपये से शुरू कर करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर दिया है। हम बात कर रहे हैं तमिलनाडु के बसवराज एस के बारे में । वसवराज ने बेंगलुरु में राफ्टर नाम का स्टार्टअप शुरू किया। इसे शिखर तक पहुंचाने में उन्हें कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, लेकिन हार नहीं मानी।
इकोनॉमिक टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, बसवराज की कंपनी राफ्टर एक सस्टेनेबल गिफ्टिंग स्टार्टअप है। यह स्टार्टअप बांस की बोतलों से लेकर चावल की भूसी के मग बनाता है, जिनकी काफी मांग हैं। ऐसे सामानों को बहुत सी कंपनियां अपने कर्मचारियों को बतौर गिफ्ट देती हैं।
पिता ने 1000 रुपये देकर घर से निकाल दिया
रिपोर्ट के मुताबिक, बसवराज पहले नौकरी करते थे। एक दिन उन्हें नौकरी से निकाल दिया। ऐसे में बसवराज अपने घर चले गए और अपन पिता को नौकरी से निकाले जाने की बात बताई। इससे बसवराज के पिता नाराज हो गए और उन्हें 1000 रुपये देकर घर से बाहर निकाल दिया। अब बसवराज के पास 1000 रुपये के सिवाय कुछ नहीं था। इन पैसों को लेकर बसवराज बेंगलुरु आ गए। यहां से उन्होंने संकल्प लिया कि जब तक कुछ बन नहीं जाएंगे, तब तक घर वापस नहीं जाएंगे।
बेंगलरु में शुरू किया बिजनेस
अब बसवराज के पास खोने के लिए कुछ भी नहीं था, उन्हें बहुत कुछ हासिल करना था। बसवराज के पास कुछ पुरानी सेविंग्स थी। इन पैसों से बसवराज ने कंबर प्रोडक्ट्स एंड सर्विसेज लॉन्च की। यह कंपनी यूनिफॉर्म, सुरक्षा गियर और ऑफिस का सामान सप्लाई करती थी। अभी बसवराज को और लंबी उड़ान भरनी थी, इसी कोरोना काल शुरू हो गया। लॉकडाउन लग गया। सभी लोग घरों में दुबक गए। ऐसे में बसवराज को काफी नुकसान हुआ। लेकिन यहां से उन्हें भरने की एक नई खिड़की खुली और गिफ्ट के सामान बनाने का बिजनेस आइडिया आया।
इसके बाद बसराज ने राफ्टर नाम की कंपनी बनाई और गिफ्ट का सामान बनाने का काम शुरू कर दिया। उनकी राफ्टर कंपनी इको-फ्रेंडली गिफ्टिंग प्रोडक्ट बनाती है। आज राफ्टर का रेवेन्यू 1 करोड़ का है। यह कंपनी बडी बड़ी कंपनियों को अपने प्रोडक्ट्स सप्लाई करती है। इसमें 5000 से अधिक प्रोडक्ट्स शामिल हैं।