Success Story: मजदूरी छोड़ इस शख्स ने शुरू किया यह काम, अब हो रही है बंपर कमाई

Success Story: ठंड का मौसम आते ही बाजारों में सिंघाड़ा फल की बहार आ जाती है। इसे पानी का फल भी कहा जाता है। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में इसे प्रमुखता से उगाया जाता है। छतरपुर के एक किसान ने मजदूरी छोड़कर सिंघाड़े की खेती शुरू कर दी।

Jitendra Singh
अपडेटेड21 Feb 2026, 06:07 AM IST
Success Story: ठंड के समय में सिंघाड़े की मांग बढ़ जाती है।
Success Story: ठंड के समय में सिंघाड़े की मांग बढ़ जाती है।

Success Story: अब देश के किसान पारंपरिक खेती छोड़कर नकदी फसल की ओर रूख कर रहे हैं। पारंपरिक खेती से किसानों की कमाई कम हो रही है। कुछ ऐसे ही मध्य प्रदेश के छतरपुर के रहने वाले जय स्वरूप रैकवार ने भी मजदूरी छोड़कर खेती करना शुरू कर दिया। जय स्वरूप ने नकदी फसल सिंघाड़े की खेती शुरू कर दी। पहले मजदूरी से उनका जीवन यापन नहीं हो पा रहा था। अब सिंघाड़े की खेती से जय स्वरूप बंपर कमाई कर रहे हैं।

न्यूज 18 में छपी खबर के मुताबिक, जय स्वरुप का कहना है कि सिंघाड़े की खेती 3 महीने में तैयार हो जाती है। इसका भाव भी मार्केट में अच्छा मिल जाता है। इससे यह मुनाफे की खेती बन जाती है। आज जय स्वरूप अपने इलाके में सफल किसानों में से एक बन गए हैं। सिंघाड़े की खेती से स्थानीय स्तर पर रोजगार में भी इजाफा हुआ है।

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जय स्वरूप बन गए सिंघाड़ा किंग

रिपोर्ट के मुताबिक, जय स्वरूप पिछले तीन साल से सिंघाड़े की खेती कर रहे हैं। रैकवार ने बताया कि बचपन में पिता के सिंघाड़ी की खेती सीखी थी। लेकिन बाद में इसे छोड़कर मजदूरी करने लगे। इसके लिए रैकवार अपना घर छोड़कर शहर की ओर पलायन कर गए थे। बाद में रैकवार ने गांव में वापस आने का फैसला किया और फिर से सिंघाड़े की खेती शुरू कर दी। अब सिंघाड़े की खेती से बंपर कमाई कर रहे हैं।

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3 महीने में एक लाख तक की कमाई

न्यूज 18 के मुताबिक जय स्वरूप ने बताया कि वो सिंघाड़े की खेती 3 बीघा में करते हैं। पिछले 2 साल से अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं। जय स्वरूप सिर्फ 2 महीने में ही 80,000 रुपये तक की कमाई कर लेते हैं।

सिंघाड़ा खेती के फायदे और चुनौतियां

सिंघाड़ा की खेती में सबसे बड़ी चुनौती पानी की होती है, क्योंकि यह फल तालाब या पानी के निकट ही उगता है। किसान को तालाब की साफ-सफाई और सिंचाई का विशेष ध्यान रखना पड़ता है। हालांकि, एक बार सिंघाड़ा की खेती में पकड़ बना ली जाए, तो यह हर साल अच्छा मुनाफा देती है। साथ ही, सिंघाड़ा को लंबे समय तक स्टोर करके भी रखा जा सकता है और इसकी डिमांड सर्दियों में खासतौर पर रहती है।

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