Success Story: आजकल के इस अर्थयुग में खेती का आकार घटता जा रहा है। लोग किसानी छोड़कर अन्य पेशे की ओर भाग रहे हैं। देश में किसानों की हालत भी बेहद खराब है। वहीं केंद्र सरकार और राज्य सरकारों की ओर से किसानों के लिए कई योजनाएं चलाई जा रही हैं। ताकि किसानों की आमदनी दोगुनी की जा सके। इस बीच अब बहुत से लोग खेती को भी कमाई का जरिया है। इसके लिए किसान परंपरागत खेती छोड़कर अन्य फसलों की ओर रूख कर रहे हैं। कुछ ऐसा ही गुजरात के अमरेली जिले के जेंटीभाई गेडिया ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद इंजीनियरिंग छोड़कर खेती की ओर मुड़ गए और आज खेती से मोटी कमाई कर रहे हैं।
न्यूज 18 में छपी खबर के मुताबिक, जेंटीभाई गेडिया ने सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। इसके बाद गेडिया ने नौकरी के बजाय खेती करने का रास्ता चुना। जेंटीभाई ने अपने 18 बीघा खेत में से सिर्फ 1 बीघा जमीन पर ‘गोल्ड हनी अंजीर’ के 150 पौधे लगाए. यह किस्म आम अंजीर से अलग है। इस फसल से साल भर में सात बार फल मिलते हैं। हर पौधे से करीब 50 किलो ताजा फल मिलते हैं।
1800 रुपये किलो बेच रहे हैं फल
न्यूज 18 से बातचीत में जेंटीभाई ने बताया कि 50 किलो ताजा फल से करीब 10 किलो सूखे अंजीर निकल तैयार हो जाते हैं। इसकी कीमत बाजार 1800 रुपये प्रति किलो है। आमतौर पर अंजीर की खेती के लिए दक्षिण गुजरात और महाराष्ट्र मशहूर है। अमरेली में कम बारिश होती है। ऐसे में जेंटीभाई ने टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया। इसके लिए ड्रिप सिंचाई और तापमान नियंत्रण जैसे कई उपाय किए।
अमरेली से मुंबई तक सप्लाई
जेंटीभाई ने बताया कि अंजीर की खपत मुंबई में सबसे ज्यादा है। वो सूखे अंजीरों को मुंबई और सूरत जैसे बड़े शहरों में बेचते हैं। यहां अच्छे दाम मिल जाते हैं। सिर्फ एक बीघे की फसल में ही 50,000 रुपये से ऊपर की कमाई हो जाती है। ऐसे में इंजीनियर जेंटीभाई के लिए खेती किसी वरदान से कम नहीं है। जेंटीभाई इंजीनियरिंग छोड़कर किसान बनना बेहतर समझते हैं।