Success Story: रोजी रोटी के लिए झाड़ू लगाई, फिर मेहनत के दम पर शख्स बन गया CA

Success Story: मेहनत वह सुंदर चाभी है, जो किस्मत के फाटक खोल देती है। ये पक्तियां कोई साधारण नहीं है, इन्हें हरियाणा के गौरव बांका ने कर दिखाया है। 7 साल की उम्र में पिता का निधन हो गया। इसके बाद सफाई कर्मी बनकर घर चलाया और फिर बाद में CA बन गया है। यहां तक पहुंचना गौरव के लिए आसान नहीं था।

Jitendra Singh
अपडेटेड27 Mar 2026, 05:59 AM IST
Success Story: गौरव बांका झाड़ू लगाकर CA की परीक्षा को पास करने में सफल रहे।
Success Story: गौरव बांका झाड़ू लगाकर CA की परीक्षा को पास करने में सफल रहे।

Success Story: जब इरादे मजबूत हों, तो हर एक बाधा भी बौनी साबित होती है। गौरव बंका की कहानी इसी सच्चाई का सटीक उदाहरण है। सिर्फ 7 साल की उम्र में गौरव के पिता का निधन हो गया। ऐसा दुख किसी भी बच्चे को तोड़ सकता है। लेकिन गौरव ने हार मानने के बजाय इस दुख को अपनी ताकत बना लिया। पारिवारिक जिम्मेदारियों ने उन्हें गांव छोड़ने पर मजबूर किया और उन्होंने एक नई शुरुआत के लिए हरियाणा के भिवानी शहर का रुख किया।

भिवानी आकर उन्हें लगा कि कोई अच्छी नौकरी मिल जाएगी, लेकिन उन्हें अपनी इच्छानुसार काम नहीं मिला। कुछ दिनों बाद गौरव को झाड़ू-पोछा लगाने का काम मिला। इससे उनके परिवार का खर्च नहीं चल रहा था। ऐसे में गौरव ने तीन पार्ट टाइम काम करना शुरू किया। इससे उनका घर खर्च चलने लगा। गौरव की पढ़ाई की चिंता सता रही थी, लिहाजा उन्होंने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी।

यह भी पढ़ें | कबाड़ से शुरुआत... देखते ही देखते बन गए अरबपति

कोई भी काम छोटा-बड़ा नहीं होता

गौरव का मानना है कि कोई भी काम छोटा-बड़ा नहीं होता है। वो जीवनयापन के लिए काम करते रहे। गौरव का लक्ष्य CA बनने का था। लिहाजा वो दिन भर काम करते और रात भर पढ़ाई करते। गौरव ने कभी कोई कोचिंग का सहारा नहीं लिया। यही उनकी दिनचर्या बन गई। आज गौरव बंका देश के टॉप CA प्रोफेशनल्स में शामिल हैं। उनका यह सफर न केवल कठिन परिश्रम और समर्पण की मिसाल है, बल्कि दृढ़ विश्वास और अपार साहस का प्रतीक भी है। उन्होंने यह साबित कर दिया कि कोई भी काम छोटा नहीं होता और अगर दिल से मेहनत की जाए तो कोई भी सपना दूर नहीं रह जाता है।

यह भी पढ़ें | कबाड़ से शुरुआत... देखते ही देखते बन गए अरबपति

छात्रों के लिए प्रेरणा

गौरव आज की युवा पीढ़ी के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं हैं। गौरव उन अनगिनत बच्चों की आवाज हैं जो हर दिन जीवन की कठिनाइयों से लड़ते हैं। बेहतर भविष्य की आस में जीते हैं। आज गौरव उनके लिए एक प्रेरणा बन चुके हैं। गौरव ने सीए बनने से पहले कठिन संघर्ष किया है।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

होमट्रेंड्सSuccess Story: रोजी रोटी के लिए झाड़ू लगाई, फिर मेहनत के दम पर शख्स बन गया CA
More