पढ़ाई के लिए रिश्तेदारों से लिया उधार पैसे, अब हजारों करोड़ की कंपनी के बन गए मालिक

Success Story: जीवन में संघर्ष और चुनौतियों के आगे हार न मानने वाले ही हमेशा इतिहास रचते हैं। इस बात का सटीक उदाहरण तमिलनाडु के गिरीश मातृभूतम हैं। गिरीश सॉफ्टवेयर की दिग्गज कंपनी फ्रेशवर्क्स इंक के संस्थापक और सीईओ हैं। उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए कभी रिश्तेदारों से उधार पैसे लिए थे।

Jitendra Singh
पब्लिश्ड1 Feb 2026, 05:48 AM IST
Success Story: गिरीश मातृभूतम की कहानी शून्य से शिखर तक पहुंचने की दस्तान है।
Success Story: गिरीश मातृभूतम की कहानी शून्य से शिखर तक पहुंचने की दस्तान है।

Success Story: अगर आप चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार हैं तो सफलता जरूर मिलेगी। लेकिन बहुत कम ही लोग ऐसे होते हैं जो चुनौतियों का डटकर मुकाबला करते हैं। ऐसे लोग जीवन में काफी सफलता हासिल करते हैं। चुनौतियों से लड़कर सफलता कैसे हासिल की जा सकती है ये गिरीश मातृभूतम ने कर दिखाया है। गिरीश सॉफ्टवेयर की दिग्गज कंपनी फ्रेशवर्क्स इंक के संस्थापक और सीईओ हैं। एक समय ऐसा था जब गिरीश के पास एमबीए करने के रुपये नहीं थे। ऐसे में उन्होंने पैसे उधार लेकर अपना एमबीए पूरा किया था। वहीं आज गिरीश 95 हजार करोड़ रुपये की कंपनी के मालिक हैं।

46 साल के गिरीश मातृभूतम सॉफ्टवेयर दिग्गज फ्रेशवर्क्स इंक के संस्थापक और सीईओ हैं। उन्होंने अपनी इस कंपनी की शुरुआत साल 2010 में चेन्नई में की थी। अब यह अमेरिका बेस्ड कंपनी है। उन्होंने साल 2021 में न्यूयार्क स्टॉक एक्सचेंज में ब्लॉकबस्टर आईपीओ के जरिए एक मिलियन डॉलर जुटाया बल्कि अपने 500 कर्मचारियों को रातों रात करोड़पति भी बना दिया था। जिसके बाद उन्होंने काफी सुर्खियां बटोरी थी। साल 2011 में फ्रेशवर्क्स को पहली बार फंडिंग मिली और उनका साल का पहला ग्राहक भी मिल गया।

गिरीश ने पढ़ाई के लिए रिश्तेदारों से लिया कर्ज

मातृभूतम का जन्म तमिलनाडु के त्रिची टाउन के एक मध्यवर्गीय परिवार में हुआ था। स्कूलिंग के बाद वह चेन्नई इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने गए। इसके बाद साल 1992 में उन्होंने एमबीए करने का फैसला किया। इसके लिए अपने पिता से पैसे मांगे। उनके पिता एक साधारण से सरकारी कर्मचारी थे। हालांकि उन्होंने गिरीश की पढ़ाई के लिए एक रिश्तेदार से कर्ज लिया। यहीं से गिरीश को पैसों की अहमियत पा चल गई थी। गिरीश मात्रभूतम के जीवन में संघर्ष और चुनौतियों की दस्तक काफी जल्दी ही हो गई थी।

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जब सात साल के थे तो उन्होंने अपने माता-पिता का अलगाव देखा। उनका मानना है कि इस घटना ने उन्हें समय से पहले ही परिपक्व और आत्मनिर्भर बना दिया। उनके आगे के जीवन में असफल स्टार्टअप्स जैसी कई असफलताएं आई। अपने सफल वेंचर की स्थापना से पहले उन्होंने अमेरिका में एचसीएल और जोहो सहित कई कंपनियों में काम कर चुके थे।

जानिए गिरीश की कंपनी क्या काम करती है

गिरीश मातृभूतम की कंपनी फ्रेशवर्क्स अपमार्केट सेल्स और उसके प्रोडक्ट पर काम करती है। उनकी कंपनी रेडी टू गो सॉफ्टवेयर बनाती है और इसका इस्तेमाल करना काफी आसान है। उनकी कंपनी के ऑफिस पूरी दुनिया के कोने-कोने में हैं। गिरीश ने फ्रेशवर्क्स के अपने प्रॉडक्ट रेंज का विस्तार करते हुए सेल्स और सीआरएम को भी जोड़ा। साथ ही फ्रेशवर्क्स को फ्रेशडेस्क के रूप में रिब्रांड किया गया। साल 2021 में इसका एन्युअल रिकरिंग रेवेन्यू 49 फीसदी तेजी के साथ 30 करोड़ डॉलर को पार कर गया। साथ ही उन्होंने स्टार्टअप्स में निवेश के लिए एक फंड भी बनाया है।

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तेजी से बढ़ा रेवेन्यू

गिरीश मातृभूतम की कंपनी का रेवन्यू 8 साल के भीतर शून्य से 100 मिलिन डॉलर हो गया। यहां से अगले डेढ़ साल में यह 200 मिलियन डॉलर की कंपनी बन गया। कंपनी का मुख्यालय कैलिफोर्निया में है। इसके भारत, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और जर्मनी में भी ऑफिस हैं। फ्रेशवर्क्स के पास आज 50,000 से अधिक ग्राहकों के साथ 95,000 करोड़ से अधिक कंपनी है।

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