Success Story: मुंबई के बाप-बेटे ने कर दिया कमाल, खड़ी कर दी 170 करोड़ की कंपनी

Success Story: मुंबई के एक पिता-पुत्र की जोड़ी ने कमाल कर दिया है। इस जोड़ी ने 50,000 रुपये लगाकर प्लास्टिक के गमलों की शुरुआत की। आज कंपनी की टर्नओवर 170 करोड़ रुपये पहुंच गया है।

Jitendra Singh
पब्लिश्ड23 Feb 2026, 06:07 AM IST
Success Story: कंपनी गमलों के अलावा आउटडोर फर्नीचर भी बनाती है।
Success Story: कंपनी गमलों के अलावा आउटडोर फर्नीचर भी बनाती है। (Livemint)

Success Story: आज हम एक ऐसी कंपनी के बारे में चर्चा कर रहे हैं, जिसमें पिता और पुत्र की मेहनत से कंपनी करोड़ों का कारोबार कर रही है। कभी इस कंपनी को 50,000 रुपये से शुरू किया गया था। मुंबई के रहने वाले हितेश चुन्नीलाल शाह अपना काम शुरू किया था, जिसके बाद उनके बेटे हर्षित शाह ने अपने पिता के बिजनेस करोड़ों तक पहुंचा दिया है। हर्षित शाह ने मैकेनिकल इंजीनियर और एमबीए किया हुआ है। हितेश ने सस्ते और टिकाऊ प्लास्टिक के गमलों की समस्या को हल करने के लिए 1999 में 50,000 रुपये की पूंजी से इस ब्रांड की शुरुआत की थी।

इसके बाद उनके बेटे हर्षित ने 2020 में कारोबार संभाला, इसे कॉर्पोरेट बनाया और कंपनी को बीएसई में लिस्टेड किया। आज, कंपनी 2,200 से ज़्यादा उत्पाद बेचती है और चावल की भूसी और कॉफ़ी बीन्स जैसी जैविक सामग्री से पर्यावरण के अनुकूल गमले बनाकर भारतीय बागवानी उद्योग को एक नई दिशा दे रही है। कंपनी का नाम हर्षदीप हॉर्टिको लिमिटेड रखा है।

50,000 रुपये से कंपनी की शुरुआत

महाराष्ट्र टाइम्स में छपी खबर के मुताबिक, हितेश चुन्नीलाल शाह ने 1999 में ठाणे में एक छोटी सी वर्कशॉप से ​​'हर्षदीप एग्रो प्रोडक्ट्स' की शुरुआत की थी। उस समय, बाज़ार में टिकाऊ, सुंदर और किफ़ायती गमलों की भारी कमी थी। लोगों के पास या तो घटिया प्लास्टिक के गमले थे या फिर महंगे आयातित डिज़ाइन वाले गमले थे।

यह भी पढ़ें | सिंघाड़े ने किसान की बदल दी तकदीर, हो गए मालामाल

इस समस्या के समाधान के लिए, उन्होंने मात्र 50,000 रुपये की पूंजी और उधार के उपकरण लेकर शुरुआत की। हितेश ने अपने प्रोडक्ट पर क्वालिटी, टिकाऊपन और किफ़ायती पर फोकस रखा। वे पुणे की नर्सरियों को साधारण गमले बेचते थे। उनके प्रयासों की बदौलत, आज कंपनी के पास 2,200 से ज़्यादा उत्पादों का पोर्टफोलियो है।

प्रोडक्ट पर 5 साल की गारंटी

साल 1999 में शुरू हुई यह यात्रा 2023 में बड़ा टर्न आया। हर्षदीप हॉर्टिको लिमिटेड नाम से बीएसई पर लिस्‍ट पब्लिक लिमिटेड कंपनी बन गई। इस बदलाव के पीछे हितेश के बेटे हर्षित शाह का हाथ है। उन्‍होंने 2020 में कारोबार संभाला। हर्षित ने पिता के फैमिली-रन ऑपरेशन को कॉर्पोरेट ब्रांड में बदल दिया।

यह भी पढ़ें | शख्स के पास था कर्ज, फिर गायों ने बदल दी किस्मत

ऑपरेशन को स्ट्रीमलाइन किया, प्रोडक्ट लाइन बढ़ाई और ब्रांडिंग पर फोकस क‍िया। आज कंपनी केवल गमले ही नहीं, बल्कि आउटडोर फर्नीचर, ग्रीन शेड नेट और सबसे खास 3D-प्रिंटेड सस्टेनेबल प्लांटर्स भी बनाती है। वे इंजेक्शन मोल्डिंग से लेकर हैंडक्राफ्टेड फाइबरग्लास तक चार तकनीकों का इस्‍तेमाल करते हैं। उत्पादों पर पांच साल की गारंटी देते हैं।

7 शोरूम, 500 डिस्ट्रीब्यूटर

यह कंपनी इको-फ्रेंडली गमलों में चावल की भूसी, कॉफी बीन्स और गन्ने का छिलका जैसे जैविक पदार्थों का इस्‍तेमाल करती है। हर टिकाऊ गमले का 50% हिस्सा जैविक पदार्थों से बना होता है। वे वर्जिन प्लास्टिक की जगह केवल रीसाइकिल्ड प्लास्टिक का इस्तेमाल करते हैं। यह कदम उनके कार्बन फुटप्रिंट को कम करता है। इसके अलावा, इन गमलों में बायो-बेस्ड कलर का इस्तेमाल होता है। आज हितेश और हर्षित की कंपनी के 7 शोरूम (मुंबई, पुणे, दिल्ली, आदि में) और 500 से ज्‍यादा डिस्‍ट्रीब्‍यूटर हैं।

यह भी पढ़ें | बिजनेस में नहीं मानी हार, तुलसी से बना दी 250 करोड़ की कंपनी

उनके पास तीन बड़े मैन्युफैक्चरिंग प्‍लांट(भिवंडी, पुणे और दिल्ली) हैं। एम्स्टर्डम में एक इंटरनेशन सेल्‍स ऑफिस भी है। हर्षित के जुड़ने के बाद कंपनी की टीम 75 से बढ़कर 300 से ज्‍यादा हो गई। रेवेन्‍यू 30 करोड़ से बढ़कर 60 करोड़ रुपये हो गया। वहीं कंपनी का वैल्यूएशन 170 करोड़ हो गया है।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

होमट्रेंड्सSuccess Story: मुंबई के बाप-बेटे ने कर दिया कमाल, खड़ी कर दी 170 करोड़ की कंपनी
More