कभी पिता करते थे UPSC की तैयारी, बेटी ने किया पूरा, पहले IPS और फिर बनी IAS

Success Story: उत्तराखंड की रहने वाली मुद्रा गौरोला डॉक्टर बन गईं थीं। इसके बाद पिता का सपना पूरा करने के लिए डॉक्टरी छोड़ दी और UPSC की तैयारी शुरू कर दी। शुरुआत में उन्हें असफलता हाथ लगी, लेकिन हिम्मत नहीं हारी। इसके बाद पहले IPS फिर IAS बनकर देश की सेवा कर रही हैं।

Jitendra Singh
अपडेटेड8 Jan 2026, 06:10 AM IST
Success Story: IAS मुद्रा गैरोला ने पिता का 50 साल पुराना सपना पूरा कर दिखाया।
Success Story: IAS मुद्रा गैरोला ने पिता का 50 साल पुराना सपना पूरा कर दिखाया।

Success Story: लहरों से डर कर नौका पार नहीं होती, कोशिश करने वालों की हार नहीं होती!”ये पंक्तियां आपने सनी ही होगी। बचपन से ही इस कविता को सुनाया जाता है ताकि हम जीवन में आने वाली परेशानियों का डटकर सामना कर सकें। किसी भी परिस्थिति में हार न मानें। इस बात पर अमल करने वाले लोग अक्सर मिसाल बन जाते हैं। ऐसी ही कहानी है, आईएएस अफसर मुद्रा गैरोला की। जिनकी मेहनत और लगन ने ना केवल उनके परिवार का बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन कर दिया है। एक बेटी ने पिता के 50 साल पुराने सपने को पूरा कर दिखाया।

बता दें कि IAS मुद्रा गैरोला उत्तराखंड के चमोली जिले के कर्णप्रयाग की रहने वाली हैं। हालांकि, अभी उनका परिवार दिल्ली में रहता है। मुद्रा बचपन से ही पढ़ने में होशियार थीं। मुद्रा ने 10वीं कक्षा में 96 फीसदी अंक हासिल किए। इसके साथ ही 12वीं की बोर्ड परीक्षा में उन्होंने 97 फीसदी नंबर हासिल किए। इसके बाद उन्होंने मुंबई के एक मेडिकल कॉलेज में बीडीएस यानी डेंटल में दाखिला लिया। खास बात ये है कि, मुद्रा ने यहां भी गोल्ड मेडल हासिल किया।

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डॉक्टरी छोड़ शुरू की UPSC की तैयारी

ग्रेजुएशन के बाद वह दिल्ली आ गईं और एमडीएस में दाखिला लिया, लेकिन उनके पिता हमेशा चाहते थे कि वह आईएएस अधिकारी बनें। लिहाजा पिता का सपने पूरा करने के लिए मुद्रा ने एमडीएस की पढ़ाई बीच में छोड़ दिया और यूपीएससी परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी। साल 2018 में मुद्रा ने पहली अटैम्प्ट दिया, जिसमें वह इंटरव्यू राउंड तक पहुंचीं। ल 2019 में दोबारा यूपीएससी के इंटरव्यू राउंड तक पहुंची, लेकिन सिलेक्शन नहीं हुआ। इसके बाद 2020 में वह मेन्स भी नहीं निकाल पाईं थीं।

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हार न मानते हुए मुद्रा गैरोला ने साल 2021 में एक बार फिर से यूपीएससी की परीक्षा दी। इस बार उनकी मेहनत थोड़ी रंग लाई और उन्होंने 165वीं रैंक के साथ यूपीएससी क्लीयर किया और आईपीएस बन गईं। हालांकि, उन्हें आईएएस से कम कुछ मंजूर नहीं था। साल 2022 में 53वीं रैंक के साथ यूपीएससी क्लीयर करके वह आईएएस बनने में कामयाब रहीं।

पिता का सपना ऐसे किया पूरा

मुद्रा गैरोला के पिता भी UPSC की तैयारी कर रहे थे। साल 1973 में उन्होंने परीक्षा दी थी। हालांकि वो इंटरव्यू में सफल नहीं हो पाए। आज उनकी बेटी ने पिता का सपना पूरा कर दिया।

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