Success Story: बुढ़ापे में शुरू किया बिजनेस, खड़ा कर दिया 21000 करोड़ का साम्राज्य

Success Story: उम्र कभी भी सपनों और नई शुरुआत में बाधा या सीमा नहीं बन सकती है। ऐसे ही एक प्रेरक व्यक्तित्व हैं सोनालिका समूह के फाउंडर लक्ष्मण दास मित्तल हैं। उन्होंने नौकरी से रिटायर होने के बाद 66 साल की उम्र में अपना बिजनेस शुरू किया और करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर दिया।

Jitendra Singh
अपडेटेड11 Jun 2026, 06:04 AM IST
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Success Story: लक्ष्मण दास मित्तल देश के सबसे उम्रदराज अरबपतियों की लिस्ट में शामिल हैं।
Success Story: लक्ष्मण दास मित्तल देश के सबसे उम्रदराज अरबपतियों की लिस्ट में शामिल हैं।

Success Story: दुनिया के अधिकतर लोग किस्मत के भरोसे होते हैं लेकिन कुछ गिने-चुने लोग खुद से अपनी किस्मत लिखने का दम रखते हैं। कहते हैं अगर जज्‍बा और जुनून हो तो उम्र, गरीबी या कठिन परिस्थितियां पैरों की बेड़ियां नहीं बनतीं। ये हर हाल में बस आगे बढ़ना जानते हैं। ऐसे ही लक्ष्मण दास मित्तल हैं, जिन्होंने अपने हालात से लड़कर सफलता का वो मुकाम हासिल किया जहां तक गिने-चुने लोग ही पहुंच पाते हैं। लक्ष्‍मण दास मित्‍तल सोनालिका ग्रुप के चेयरमैन हैं। यह ग्रुप भारत में तीसरे नंबर का सबसे बड़ा ट्रैक्टर निर्माता है।

लक्ष्मण दास मित्तल ने 1990 में भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) से रिटायर होने के बाद बिजनेस करने की राह चुनी। उस समय बहुत कम लोग सोच सकते थे कि एक रिटायर्ड ऑफिसर भारत की तीसरी सबसे बड़ी ट्रैक्टर निर्माता कंपनी की नींव रखेगा। लेकिन मित्तल ने अपने एक्सपीरियंस, दूरदृष्टि और मेहनत के बल पर सोनालिका ग्रुप को एक वैश्विक पहचान दिलाई।

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आज सोनालिका समूह की प्रमुख कंपनी इंटरनेशनल ट्रैक्टर्स भारत में बाजार हिस्सेदारी के लिहाज से तीसरे स्थान पर है। जापान की दिग्गज कंपनी यानमार की इसमें 30 फीसदी हिस्सेदारी है, जो इस बात का प्रमाण है कि भारतीय कृषि मशीनरी क्षेत्र में सोनालिका की विश्वसनीयता कितनी मजबूत है।

कौन हैं लक्ष्मण दास मित्तल?

लक्ष्मण दास मित्तल पंजाब के होशियारपुर के रहने वाले हैं। उनका जन्म 1931 में हुआ था। 1955 में लक्ष्मण दास मित्तल ने एलआईसी एजेंट के रूप में काम करना शुरू किया। उसी समय से मित्तल ने अपनी सैलरी से बचत करना शुरू कर दिया। इसके बाद उन्होंने 1990 तक नौकरी करते रहे। फिर 60 साल की उम्र में रिटायर होने के बाद 6 साल तक घर पर रहे।

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इसके बाद 66 साल की उम्र में लक्ष्मण मित्तल ने अपना कारोबार शुरू कर इतिहास रच दिया। मित्तल ने 1996 में ट्रैक्टर ब्रांड में से एक सोनालिका ट्रैक्टर्स कंपनी खोली और फिर भारत के सबसे उम्रदराज बिजनेसमैन बन गए। लक्ष्मण दास मित्तल कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान से भी नवाजे जा चुके हैं। इनमें प्रतिष्ठित उद्योग रत्न पुरस्कार भी शामिल है।

बड़ा दिलचस्प है सोनालिका का नाम

सोनालिका नाम का अर्थ हिंदी में सोने की लकीरें होता है। यह नाम उस गेहूं की किस्म से प्रेरित है जिसने भारत की हरित क्रांति में अहम भूमिका निभाई थी। यह नाम स्वयं मित्तल के दृष्टिकोण को दिखाता है। किसानों की समृद्धि और कृषि के माध्यम से देश की प्रगति को बताता है।

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140 देशों में फैला कारोबार

लक्ष्मण मित्तल का ट्रैक्टर ब्रांड पूरी दुनिया में फैल गया है। सोनालिका भारत की तीसरी सबसे बड़ी ट्रैक्टर ब्रांड है। इस कंपनी के 2 लाख से ज्यादा इंटरनेशनल ग्राहक भी हैं। कंपनी कुल 140 देशों में फैली हुई है। फोर्ब्स की लिस्ट में उन्हें अरबपतियों की लिस्ट में शामिल किया गया है। उनकी नेटवर्थ 2.5 अरब डॉलर के आस पास है। आज सोनालिका समूह का नेटवर्थ करीब 21000 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

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