
Success Story: भारत एक कृषि प्रधान देश है। आज भी हमारे देश की अर्थव्यवस्था में कृषि क्षेत्र का सबसे बड़ा योगदान है। इसके बावजूद, कृषि क्षेत्र को आर्थिक रूप से स्थिर नहीं माना जाता। इसलिए, कई किसान अब पारंपरिक खेती छोड़कर नकदी फसल की ओर रूख कर रहे हैं। ऐसे ही महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के दारफल (बीबी) गाँव के समाधान साठे ने मजदूरी छोड़कर नकदी फसल की ओर रूख किया। साठे बहुत कम पढ़े-लिखे हैं, इसके बावजूद उन्होंने अपने अनुभव के आधार पर नर्सरी के बिजनेस से लाखों रुपये कमा रहे हैं।
दरअसल, प्रकृति के प्रति बढ़ती जागरूकता के कारण भी लोगों का पेड़-पौधे लगाने की ओर रुझान बढ़ा है। इसके चलते बाजार में प्लांट नर्सरी का बिजनेस खूब फल फूल रहा है। इस क्षेत्र में पढ़े-लिखे लोग अपना करियर बना रहे हैं और अच्छी कमाई भी कर रहे हैं। आजकल घरों में हरियाली बनाए रखने के लिए पेड़ पौधों की जरूरतें बढ़ी हैं।
न्यूज 18 मराठी में छपी खबर के मुताबिक, सामाधान साठे खेतों में काम करने वाले एक साधारण मजदूर थे। साठे महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के दरफाल (बीबी) गांव के रहने वाले हैं। मजदूरी छोड़कर साठे ने कुछ नर्सरी के बिजनेस में काम किया। इसके बाद साठे ने नर्सरी का बिजनेस शुरू करने का फैसला लिया। उन्होंने साल 2007 में अपने गांव में एक गुंठा जमीन पर नर्सरी का बिजनेस शुरू किया। शुरुआती दौर में साठे तरबूज के तैयार पौधे बाहर से खरीदकर बेचते थे। फिर उन्होंने खुद ही पौधे तैयार करना शुरू कर दिया। इससे उनकी कमाई बढ़ने लगी। कभी एक गुंठा में नर्सरी का काम शुरू किया था, अब 10 गुंठा जमीन पर नर्सरी का कारोबार कर रहे हैं।
साठे की नर्सरी में टमाटर, गेंदा, शिमला मिर्च और सभी तरह की सब्जियों के पौधे मिल जाएंगे। तुलजापुर, धाराशिव, लातूर, अक्कलकोट, कर्नाटक और संगोला के किसान उनकी नर्सरी से पौधे खरीदने आते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सभी खर्च निकालकर साठे को सालाना 7 से 8 लाख रुपये की कमाई आसानी से हो जाती है। साठे ने दिखाया है कि दृढ़ संकल्प, लगन और कड़ी मेहनत करने की इच्छाशक्ति से सीमित शिक्षा के बावजूद भी सफलता हासिल की जा सकती है।
अगर आप पौधों की नर्सरी का कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो आपको इसके बारे में बारीकी से जानकारी होनी चाहिए। जैसे कि प्लांट को उगाने के लिए, उनको बढ़ाने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। पौधों के प्रकार, कौन से औषधीय पौधे, कौन से सजावटी, वास्तु के अनुसार पौधों की जानकारी, और ऐसी तमाम बातें जिनके बारे में ग्राहक आपसे जानकारी ले सकते हैं।
नर्सरी का व्यापार करने के लिए सबसे जरुरी होती है उपजाऊ मिट्टी। सही तरह से मिट्टी तैयार करने के साथ ही समय-समय पर जरूरत के अनुसार सिंचाई भी जरुरी है। यानी आपको सिंचाई के लिए पानी की व्यवस्था भी करनी होगी। इसके बाद रासायनिक और जैविक ख़ाद की जरूरत पड़ेगी, ताकि पौधों को बीमारियों से बचाया जा सके।
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