
Success Story: मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) ने राज्य सेवा परीक्षा 2023 का फाइनल परिणाम (MPPSC Result 2023) घोषित कर दिया है। पन्ना के अजीत मिश्रा ने टॉप किया है। वहीं गुना (Guna) जिले की आरोन तहसील के पहरुआ गांव की रहने वाली मोनिका धाकड़ (Monika Dhakad) का MPPSC में चयन हुआ है। इन सबके बीच विदिशा की शिवानी राय का चयन डीएसपी पद के लिए हुआ है। सबसे ज्यादा सुर्खियों में शिवानी राय है। शिवानी राय की संघर्ष की गाथा भी कोई साधारण नहीं है। शिवानी पहले पटवारी के पद पर काम कर रहीं थी। फिर उन्होंने CEO का पद हासिल किया। अब शिवानी वर्दी पहनकर राज्य की सेवा करेंगी।
सिर्फ 3 साल में दूसरी बार परीक्षा पास कर शिवानी ने यह उपलब्धि हासिल की है। शिवानी ने पहले एमपीपीएससी में जनपद सीईओ पद पर चयन पाया था। एमपीपीएससी 2021 परीक्षा में भी इंटरव्यू दिया, लेकिन अब तक उसका रिजल्ट घोषित नहीं किया। शिवानी राय मूल रूप से विदिशा जिले की गंजबासौदा तहसील के करैया गांव की रहने वाली हैं। वे अपने गांव की पहली युवती हैं, जिसे सरकारी नौकरी मिली है। बैतूल में सीईओ पद पर पदस्थ होने के दौरान उन्होंने छात्रावास के 40 लाख रुपए के बिजली बिल घोटाले का खुलासा किया था, जिससे वे चर्चा में आई थीं।
शिवानी राय के पिता विनोद राय एक साधारण किसान हैं। पिता विनोद राय का कहना है कि मैं गांव में अकेले रहता हूं और खेती-बाड़ी का काम देखता हूं। बिटिया की मां बेटी के साथ रहती है। बहुत मेहनत और संघर्ष के बाद मेरी बेटी ने यह कामयाबी हासिल की है। यह हमारे परिवार के लिए गर्व का क्षण है। शिवानी ने शुरुआती पढ़ाई नानी के घर अशोकनगर में की। 9वीं से 12वीं तक गंजबासौदा में पढ़ीं। 10वीं और 12वीं में उन्होंने 92% अंक प्राप्त किए। इसके बाद भोपाल से बीएससी (मैथ्स) की डिग्री ली। एमपीपीएससी की तैयारी के लिए इंदौर गईं, लेकिन कोविड के कारण घर लौट आईं। इसके बाद उन्होंने घर पर रहकर यूट्यूब, पुराने प्रश्नपत्रों और अपने बनाए नोट्स से तैयारी की।
शिवानी ने बताया कि उन्होंने चेट जीपीटी की मदद से इंटरव्यू की तैयारी की थी। सवाल डालकर उनके सटीक और प्रभावी जवाब तैयार किए। साल 2023 में उनका चयन पटवारी के रूप में हुआ और उन्होंने रीवा जिले में एक साल तक सेवा दी। इसके बाद जनपद सीईओ बनीं और अब डीएसपी पद पर चयनित हुई हैं। शिवानी का कहना है कि अब उनका लक्ष्य डिप्टी कलेक्टर बनने का है।
शिवानी का यह सफर उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित साधनों के बावजूद बड़े सपने देखने की हिम्मत रखते हैं। किसान परिवार से निकलकर प्रशासनिक सेवा तक पहुंचना इस बात का प्रमाण है कि मेहनत, विश्वास और निरंतरता से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं होता है।
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