Success Story: कहते हैं कि मेहनत और सही मार्गदर्शन मिले तो कोई भी काम मुश्किल नहीं होता और अपनी सोच के अनुसार बेहतरीन काम किया जा सकता है। कुछ ऐसा ही कर दिखाया है राजस्थान के जालौर की रहने वाली नीतू देवी ने, जो कभी घरेलू काम में रहती थीं। आज के समय में वो गांव से निकलकर बिजनेस में एक नया मुकाम हासिल किया। नीतू देवी ने अपने घर पर ही नींबू की खेती शुरू कर दी। लेकिन एक बार उन्हें तगड़ा नुकसान हो गया। इस नुकसान की भरपाई के लिए उन्होंने एक नया आइडिया निकाला। फिर इसके बाद सफलता की सीढ़ी पर चढ़ती चली गईं।
दरअसल, नीतू देवी ने नींबू की खेती शुरू की। नींबू की पैदावार भी अच्छी हुई। लेकिन बाजार में नींबू के दाम इतने ज्यादा गिर गए कि उन्होंने लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा था। ऐसे में नीतू ने एक अलग रास्ता निकाला और नींबू का अचार बनाना शुरू कर दिया। शुरुआती दौर में उनके अचार गांव के आसपास ही बिकते थे। बाद में नीतू के बनाए हुए अचारों की मांग बढ़ने लगी। फिर यहीं कमाई का एक नया जरिया खुल गया।
‘चामुंडा मात्र स्वयं सहायता समूह’ का किया गठन
केलो प्रवाह में छपी खबर के मुताबिक, नीतू ने अपने नींबू के अचार के बिजनेस को आगे बढ़ाने के लिए ‘चामुंडा मात्र स्वयं सहायता समूह’ का गठ किया। इसके बाद तो उनके किस्मत के दरवाजे ही खुल गए। अचार में बढ़ता स्वाद और शुद्धता की वजह से मांग दिनों दिन बढ़ने लगी। इस समूह से गांव की अन्य महिलाएं भी जुड़ गईं। गांव की करीब 10 महिलाओं को उन्होंने रोजगार दिया। उनके समूह में कुछ विधवा महिलाएं भी शामिल हैं। घर की रसोई से शुरू हुआ यह छोटा सा काम अब कई महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गया है।
कच्ची घानी से बनते हैं अचार
लोकल 18 के मुताबिक, नीतू अब नींबू के अलावा आम, आंवला, करेला, हरी मिर्च और गूंदा जैसे कई ऑर्गेनिक अचार बनाती हैं। इनकी खासियत यह है कि सभी अचार कच्ची घानी के सरसों तेल और शुद्ध मसालों से तैयार होते हैं। अपनी मेहनत की पहचान बनाए रखने के लिए उन्होंने अपने ब्रांड का ट्रेडमार्क भी रजिस्टर्ड करा लिया है। बता दें कि कच्ची घानी सरसों का तेल बेहतर माना जाता है। ये अपनी विशिष्ट खुशबू के लिए जाना जाता है।
इसका तेल अचार को प्राकृतिक खुशबू देता है। इसलिए उच्च गुणवत्ता वाले सरसों तेल का इस्तेमाल करते हैं, जिससे अचार लंबे समय तक चल सकता है। ऐसे अचार जल्दी खराब नहीं होते हैं। इसमें सेंधा नमक का उपयोग करती हैं जो ऑर्गेनिक है। नीतू ये ऑर्गेनिक अचार तैयार कर दुकानों और मेलो में बेचती हैं।
छोटे गांव से बड़े शहरों तक गूंजी खुशबू
आज नीतू देवी के अचार जयपुर, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु तक मशहूर हैं। मेलों और प्रदर्शनियों में लगने वाले उनके स्टॉल पर लोगों की भीड़ उमड़ती है। बेंगलुरु के सरस मेले 2022 में उनके काम को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित भी किया गया।