Success Story: कभी बर्तन धोए, टॉयलेट साफ किया, आज हैं $5 ट्रिलियन कंपनी के मालिक

Success Story: चिप बनाने वाली कंपनी एनवीडिया इन दिनों सुर्खियों में छाई हुई है। कंपनी ने 5 ट्रिलियन डॉलर का मार्केट कैप पार कर लिया है। कंपनी के CEO जेन्सेन हुआंग की हर जगह चर्चा हो रही है। हुआंग की जिंदगी संर्घर्षों से भरी रही। कभी वो होटल में बर्तन साफ करते थे। आज अमीरों में गिनती हो रही है।

Jitendra Singh
अपडेटेड5 Nov 2025, 06:12 AM IST
Success Story: ताइवान में जन्मे जेन्सेन हुआंग ने अपने जीवन को मिसाल बना दिया।
Success Story: ताइवान में जन्मे जेन्सेन हुआंग ने अपने जीवन को मिसाल बना दिया।

Success Story: "संघर्षों के सागर में जिसने दिन रात नहाया है, ऐसे ही नागरिकों ने स्वर्णिम इतिहास बनाया है।" ये लाइन एनवीडिया कॉर्पोरेशन (Nvidia Corporation) के को-फउंडर, प्रेसिडेंट और CEO, जेन्सेन हुआंग पर सटीक बैठती है। हाल हीं में कंपनी ने एतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। दुनिया में पहली किसी कंपनी ने 5 ट्रिलियन डॉलर के मार्केट वैल्युएशन को पार कर लिया है और ऐसा करने वाली पहली कंपनी बन गई है। यह भारत और जापान की जीडीपी से भी ज्यादा है। पिछले कुछ सालों से सिलिकॉन वैली में एनवीडिया पॉपुलर है। इसे बनाने वाले मालिक का जीवन बहुत संघर्ष में बीता।

जेन्सेन हुआंग का जन्म ताइवान में हुआ था। बचपन उनका मुश्किलों में बीता था। वियतनाम युद्ध के समय परिवार ने उन्हें अमेरिका भेज दिया, जहां वे अपने चाचा के साथ रहे। यहीं से उनके जीवन का संघर्ष और सीखने का सिलसिला शुरू हुआ। रिफॉर्म स्कूल' में पढ़ाई के दौरान उन्हें शौचालय साफ करने पड़ते थे। कठिन माहौल में भी हुआंग ने खुद को टूटने नहीं दिया। धीरे-धीरे उन्होंने अंग्रेजी सीखी और आगे बढ़ने का संकल्प लिया। ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान वे टेबल टेनिस चैंपियन बने। फीस और टूर्नामेंट खर्च के लिए हुआंग ने खेल की दुकान में फर्श साफ करते थे। यहीं से उन्हें मेहनत का असली अर्थ समझ में आया।

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जेन्सेन हुआंग की जिंदगी संघर्षों से भरी रही

जेन्सेन हुआंग जब 5 साल के थे, उनका परिवार उनके पिता के रिफाइनरी से जुड़े काम के चलते 1968 में थाईलैंड चला गया। वहां उन्होंने रुआमरुडी इंटरनेशनल स्कूल में पढ़ाई की। हालांकि, वियतनाम युद्ध के चलते क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ रही थी, इसलिए उनके माता-पिता मजबूरन अमेरिका जाने का निर्णय लिया। अमेरिका में रहना और वहां नौकरी करने के लिए अंग्रेजी बहुत जरूरी थी। जेनसन हुआंग की अंग्रेजी बहुत कमजोरी थी। उन्होंने इंग्लिश ठीक करने के लिए हर दिन 10 नए शब्द अंग्रेजी के शब्द याद किए। जब जेनसन नौ साल के हुए, तो वे और उनका बड़ा भाई टकोमा, वॉशिंगटन में अपने चाचा के साथ रहने चले गए, जबकि उनके माता-पिता बाद में ओरेगन आकर परिवार से जुड़े।

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जेन्सेन हुआंग की लव स्टोरी

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हुआंग ने ओरेगन स्टेट यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। यहां उनकी मुलाकात लोरी से हुई और उनको उनसे प्यार हो गया। वह उनकी लैब पार्टनर थीं। बाद में उन्होंने AMD और LSI Logic में काम किया और 1993 में दो साथियों क्रिस मलाकोव्स्की और कर्टिस प्रीम के साथ मिलकर NVIDIA की स्थापना की। जेनसन हुआंग की बाद में लोरी से शादी हुई। आज हुआंग की कंपनी ने टेक्नोलॉजी इंडस्ट्री की दिशा ही बदल दी।

CEO बनने का किया था वादा

हुआंग ने अपनी पत्नी लोरी मिल्स से वादा किया था कि 30 की उम्र में सीईओ बनेंगे और उन्होंने इसे निभाया भी। उसी उम्र में उन्होंने एनवीडिया की शुरुआत की और खुद को टेक वर्ल्ड का सबसे बड़ा नाम बना दिया।

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आज दुनिया के 9वें सबसे अमीर शख्स

शुरुआती दौर में चुनौतियों का सामना करने वाले जेन्सेन हुआंग आज दुनिया के टॉप-10 अरबपतियों की लिस्ट में 9वें पायदान पर हैं। ब्लूमबर्ग बिलेनियर्स इंडेक्स के मुताबिक, Jensen Huang Networth 174 अरब डॉलर है। हुआंग ने 1993 में एनवीडिया की स्थापना की थी और तब से ही इसका नेतृत्व कर रहे हैं।

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