Success Story: लाखों की नौकरी छोड़ी, मिट्टी से जोड़ा नाता; अब खेती से कमा रहे शानदार मुनाफा

Success Story: अमेरिका में पायलट की नौकरी, अच्छी कमाई और बेहतर करियर के बीच राघव शरद देवस्थले ने ऐसा फैसला लिया जिसने उनकी पूरी जिंदगी बदल दी। एक घटना के बाद उन्होंने नौकरी छोड़कर भारत लौटने का फैसला किया और मध्य प्रदेश के खरगोन में खेती शुरू की।

Jitendra Singh
अपडेटेड11 Aug 2026, 06:14 AM IST
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Success Story: देश के कई युवा नकदी खेती की ओर रूख कर रहे हैं।
Success Story: देश के कई युवा नकदी खेती की ओर रूख कर रहे हैं।

Success Story: आज के दौर में जब युवा बेहतर करियर और बड़ी सैलरी वाली नौकरी की तलाश में रहते हैं, वहीं कुछ लोग ऐसे भी हैं जो अपने फैसले से करियर की पूरी दिशा बदल देते हैं। राघव शरद देवस्थले की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। अमेरिका में पायलट की नौकरी करने वाले राघव ने एक घटना के बाद खेती को अपना रास्ता बनाया। नौकरी छोड़ी, भारत लौटे और मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में खेती शुरू कर दी।

लेकिन उनकी कहानी सिर्फ नौकरी छोड़कर किसान बनने तक सीमित नहीं है। राघव ने खेती को वैल्यू एडिशन और प्रोडक्ट मेकिंग से जोड़ा। आज वह खेत से निकलने वाली तुलसी और लेमनग्रास जैसी फसलों को सीधे तैयार प्रोडक्ट में बदल रहे हैं। यही तरीका उनकी खेती को आम खेती से अलग बनाता है।

एक सवाल ने बदल दी जिंदगी की दिशा

न्यूज18 की रिपोर्ट के मुताबिक, राघव शरद ने बताया कि उत्तराखंड में राहत कार्य के दौरान उन्होंने एक बच्चे को यह कहने में झिझकते देखा कि उसके पिता किसान हैं। यह बात उनके मन में गहराई से बैठ गई। यहीं से उनके भीतर खेती को लेकर एक अलग सोच पैदा हुई। उन्होंने महसूस किया कि किसान होना किसी भी तरह कमतर नहीं है। इसके बाद उन्होंने अपने करियर को नई दिशा देने का फैसला किया और खेती की तरफ कदम बढ़ाया।

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अमेरिका में पायलट की नौकरी, फिर भारत वापसी

राघव शरद मूल रूप से महाराष्ट्र के रहने वाले हैं और उनका जन्म छत्तीसगढ़ के रायपुर में हुआ। उन्होंने अमेरिका में पायलट की ट्रेनिंग ली और वहां नौकरी भी की। इसके बावजूद उन्होंने विदेश में अपना करियर जारी रखने के बजाय भारत लौटने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के ग्राम मतमुर को अपनी कर्मभूमि बनाया। यह फैसला आसान नहीं था। एक तरफ पायलट की नौकरी और दूसरी तरफ खेती का अनिश्चित रास्ता। लेकिन राघव ने खेती को अपना नया करियर बनाने का फैसला किया।

तुलसी और लेमनग्रास से शुरू की ऑर्गेनिक खेती

करीब पांच साल पहले राघव ने तुलसी और लेमनग्रास की ऑर्गेनिक खेती शुरू की। इन फसलों को चुनने के पीछे उनका मकसद सिर्फ उत्पादन करना नहीं था, बल्कि उनसे अलग-अलग प्रोडक्ट तैयार करके उनकी वैल्यू बढ़ाना भी था। यही सोच आगे चलकर उनके बिजनेस मॉडल की सबसे बड़ी ताकत बनी।

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फसल को सीधे बाजार में बेचने के बजाय बनाया प्रोडक्ट

राघव ने खेती के साथ प्रोसेसिंग पर भी काम किया। खेत से मिलने वाली फसल को सोलर ड्रायर की मदद से सुखाया जाता है। इसके बाद उससे अलग-अलग प्रोडक्ट तैयार किए जाते हैं। उनकी यूनिट में तैयार होने वाले प्रोडक्ट में लेमन टी, ट्राइबल टी मसाला, चाट मसाला, हाइड्रेट लाल अमाड़ी और धूपबत्ती शामिल हैं। इस मॉडल का फायदा यह है कि किसान को सिर्फ कच्ची फसल बेचने पर निर्भर नहीं रहना पड़ता। फसल को तैयार प्रोडक्ट में बदलने के बाद उसकी मार्केट वैल्यू बढ़ जाती है।

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लोकल बाजार से ऑनलाइन बिक्री तक

राघव के तैयार किए गए प्रोडक्ट की मांग सिर्फ स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक इन उत्पादों की दूसरे जिलों में भी बिक्री होती है। वह अपने प्रोडक्ट को ऑनलाइन भी बेचते हैं। यानी खेती के साथ उन्होंने मार्केटिंग और बिक्री का रास्ता भी तैयार किया है। यही वजह है कि उनकी कमाई सिर्फ खेत में उगाई गई फसल पर निर्भर नहीं रहती, बल्कि फसल से तैयार प्रोडक्ट तक पूरी वैल्यू चेन का फायदा उन्हें मिलता है।

About the Author

जितेन्द्र सिंह ने बुंदेलखंड विश्वविद्यालय से B.Sc (भौतिक शास्त्र और रसायन शास्त्र) की डिग्री हासिल की है। इसके बाद साल 2007 में मुंबई के भारतीय विद्या भवन से पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन रेडियो एंड टीवी जर्नलिजम में एक साल का डिप्लोमा कोर्स किया। कोर्स खत्म होते है मुंबई में CNBC आवाज चैनल में प्रशिक्षण का मौका मिला। इस चैनल में खबरों की दुनिया और बिजनेस पत्रकारिता क्या है, इस बारे में जानने का मौका मिला। फिर मुंबई के प्रतिष्ठित CTV में काम करने का मौका मिला। यहीं से मुंबई को बारीकी से समझने का मौका मिला। मुंबई के समाचारों से हटकर एंटरटेनमेंट की दुनिया में कलर्स चैनल में एंट्री मिली। यहां बहुत कुछ सीखने को मिला। यहीं सोनी एंटरटेनमेंट चैनल में काम करने का मौका मिला। सोनी में कौन बनेगा करोड़पति शो टीम के हिस्सा रहे। इसके साथ ही सोनी के अन्य बहुचर्चित शो जैसे क्राइम पट्रोल, आहट, कॉमेडी सर्कस जैसे शो की टीम का हिस्सा रहे। कई संस्थानों में फ्रीलांसिंग स्क्रिप्ट राइटिंग करते रहे। एंटरटनमेंट के बाद फिर से बिजनेस पत्रकारिता में एंट्री मिली और मनीकंट्रोल के साथ जुड़ गए। यहां मनीकंट्रोल में बिजनेस आइडिया जैसा कॉलम लगातार 7 साल तक लिखे। यहां पर्सनल फाइनेंस, राजनीति समाचार, ट्रेडिंग न्यूज, हेल्थ, इकोनॉमिक, जैसे कई कैटेगरी की खबरों पर कलम की घिसाई की। जितेंद्र सिंह उन चुनिंदा पत्रकारों की लिस्ट में शामिल हैं, जिन्होंने जनरल एंटरटेनमेंट चैनल (GEC) और न्यूज दोनों जगह काम किए हों। दरअसल, मुंबई एंटरटेनमेंट और बिजनेस दोनों है। लिहाजा वहां रहकर दोनों जगह काम करने का मौका मिला। पत्रकारिता में 18 साल से ज्यादा का अनुभव है। अब लाइव मिंट के मिंट हिंदी से जुड़कर काम कर रहे हैं। यहां हर विषय लिखने का क्रम जारी है।

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