Success Story: पिता लगाते थे फल का ठेला, बेटे ने खड़ी कर दी 400 करोड़ की कंपनी

Success Story: घुनंदन कामथ का जन्म कर्नाटक के मंगलुरु के एक गांव में फल बिक्रेता के घर में हुआ था। पढ़ाई-लिखाई के साथ उन्होंने अपने पारिवारिक फलों के बिजनेस में पिता का हाथ बंटाया और फलों के इसी बिजनेस का अनुभव उनके करियर के लिए काफी मददगार साबित हुआ। कामथ ने करोड़ों की कंपनी खड़ी कर दी।

Jitendra Singh
अपडेटेड18 Feb 2026, 06:02 AM IST
Success Story: ठेले पर फल बेचने वाले के बेटे ने करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर दिया।
Success Story: ठेले पर फल बेचने वाले के बेटे ने करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर दिया।

Success Story: कहते हैं जहां चाह है, वहां राह है। गरीबी भी ऐसे लोगों का कुछ नहीं बिगाड़ सकती है। रघुनंदन श्रीनिवास कामथ की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। वह नेचुरल्स आइसक्रीम नाम की कंपनी के माल‍िक हैं। शुरुआती जिंदगी में कई चुनौतियों का सामना करने के बावजूद कामथ ने हार नहीं मानी। उन्होंने अपने सपनों को पूरा करने के लिए भरपूर प्रयास किए। आज वे करोड़ों रुपये का कारोबार चलाते हैं। कर्नाटक के पुत्तूर तालुका के एक छोटे से गांव के रहने वाले रघुनंदन श्रीनिवास कामथ के पिता फल बेचते थे। लेकिन कामथ ने कभी हार नहीं मानी और आज करोड़ों का साम्राज्य बना डाला है।

ये कहानी 1984 में एक छोटी सी 200 वर्ग फुट की दुकान से शुरू हुई थी। आज 135 दुकानें हो गईं हैं। रघुनंदन श्रीनिवास कामथ ने अपनी मां की सीख और पिता के फल चुनने की कला को मिलाकर एक ऐसा ब्रांड बनाया, जो आज भारत के टॉप 10 कस्टमर एक्सपीरियंस ब्रांड्स में शुमार हो गया है। कामथ कर्नाटक के मैंगलोर से मुंबई आ गए और अपने भाई के साथ दक्षिण भारतीय रेस्टोरेंट में काम करना शुरू कर दिया।

नेचुरल्स आइसक्रीम की रखी नींव

द बेटर इंडिया में छपी खबर के मुताबिक, रघुनंदन श्रीनिवास कामथ को अपना खुद का बिजनेस शुरू करने की प्रेरणा मिली। नतीजतन, उन्होंने 14 फरवरी, 1984 को सिर्फ चार कर्मचारियों और 10 आइसक्रीम फ्लेवर के साथ नेचुरल्‍स आइसक्रीम की नींव रखी। उन्होंने सिर्फ फल, दूध और चीनी का इस्तेमाल करके आइसक्रीम बनाई। नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए कामथ ने मुख्य व्यंजन के तौर पर पाव भाजी और साइड आइटम के तौर पर आइसक्रीम बेचना शुरू किया। शुरुआत में स्टोर में 12 फ्लेवर उपलब्ध थे।

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अपने बेहतरीन स्वाद के कारण यह जल्द ही एक मशहूर आइसक्रीम पार्लर बन गया। रिपोर्ट के मुताबिक, कामथ ने मुंबई के जुहू में अपनी छोटी सी दुकान से पहले साल में 5 लाख रुपये कमाए। बाद में उन्होंने पाव भाजी बेचना बंद करने का फैसला किया। इसके बजाय अच्‍छी आइसक्रीम कंपनी स्थापित करने पर फोकस किया। उसके बाद कारोबार बढ़ता गया। अब उनके पास देशभर में 135 अलग-अलग जगहों पर दुकानें हैं। इन दुकानों पर 20 अलग-अलग फ्लेवर की आइसक्रीम बिकती हैं।

प्रोडक्ट की क्वालिटी पर बढ़ाया फोकस

कामथ ने फल, दूध और चीनी को अपनाया। उन्होंने नकली रंग या फ्लेवर से दूरी बनाई। पहले साल में ही उनकी कमाई 5 लाख पहुंच गई। आज उनकी 20 टन आइसक्रीम रोजाना बिकती है और उनके पास 20 से अधिक फ्लेवर भी हैं। कामथ ने मार्केटिंग पर ज्यादा पैसे नहीं खर्च किए। ग्राहकों की राय से नए फ्लेवर लाए, जैसे आम पिकल को ‘वाइल्ड आम’ नाम दिया। उनकी पत्नी अन्नपूर्णा और बेटे सिद्धांत और श्रीनिवास भी कंपनी में हैं। कंपनी का टर्नओवर नेचुरल्स आइसक्रीम की कमाई वित्त वर्ष 2024 में लगभग 380 करोड़ रुपये रहा है। ये आंकड़ा कंपनी की मजबूत ग्रोथ को दिखाता है।

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नहीं रहे रघुनंदन श्रीनिवास कामथ

नेचुरल्स आइसक्रीम के फाउंडर रघुनंदन श्रीनिवास कामथ का मई 2024 में निधन हो गया है, उन्होंने 70 साल की उम्र में अंतिम सांस ली थी।

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