Success Story: मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़ शुरू की मशरूम की खेती, खड़ी कर दी करोड़ों की कंपनी

Success Story: केरल के कन्नूर जिले के रहने वाले राहुल गोविंद ने मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़कर मशरूम की खेती शुरू की। उन्होंने सिर्फ 100 मशरूम बेड से शुरुआत की और आज उनकी कंपनी सालाना ₹2 करोड़ से ज्यादा का कारोबार कर रही है। कंपनी किसानों को ट्रेनिंग भी देती है।

Jitendra Singh
अपडेटेड29 Jul 2026, 06:06 AM IST
Success Story: राहुल ने अपनी कंपनी का नाम 'मानसून मशरूम्‍स' रखा है।
Success Story: राहुल ने अपनी कंपनी का नाम 'मानसून मशरूम्‍स' रखा है। (Krishi Jagran)

Success Story: क्या अच्छी नौकरी छोड़कर खेती में करियर बनाया जा सकता है? केरल के राहुल गोविंद ने इस सवाल का जवाब अपनी सफलता से दिया है। एक समय मर्चेंट नेवी में जूनियर ऑफिसर के तौर पर काम करने वाले राहुल आज मशरूम फार्मिंग के सफल उद्यमी हैं। उन्होंने समुद्र की नौकरी छोड़कर खेतों का रास्ता चुना और आज उनकी कंपनी 'मानसून मशरूम्स' सालाना ₹2 करोड़ से ज्यादा का कारोबार कर रही है। उनकी कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो खेती को सिर्फ पारंपरिक काम नहीं बल्कि एक बड़े बिजनेस के रूप में देखना चाहते हैं।

राहुल गोविंद ने साल 2010 में मर्चेंट नेवी में जूनियर ऑफिसर के रूप में काम शुरू किया था। नौकरी अच्छी थी, लेकिन उनका मन हमेशा खेती में लगता था। पारिवारिक कारणों से जब उन्हें कुछ समय के लिए अपने घर लौटना पड़ा, तब उन्होंने अपने माता-पिता को खेती करते देखा। यहीं से उन्होंने तय कर लिया कि अब वह परिवार के साथ रहकर खेती में ही अपना भविष्य बनाएंगे।

मां के साथ ली ट्रेनिंग, सीखी वैज्ञानिक खेती

राहुल ने बिना तैयारी के खेती शुरू नहीं की। उन्होंने अपनी मां के साथ कृषि विज्ञान केंद्र (KVK), कन्नूर में मशरूम की खेती का प्रशिक्षण लिया। यहां उन्होंने मशरूम उत्पादन के वैज्ञानिक तरीके सीखे। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्होंने छोटे स्तर पर अपना काम शुरू किया।

यह भी पढ़ें | बंजर जमीन पर उगाया ऑर्गेनिक सिंदूर, सालाना लाखों में हुई कमाई

सिर्फ 100 मशरूम बेड से हुई शुरुआत

राहुल ने करीब 50 वर्ग फीट की छोटी-सी जगह में 100 मशरूम बेड लगाकर अपना पहला फार्म तैयार किया। शुरुआत भले ही छोटी थी, लेकिन उन्होंने गुणवत्ता और ग्राहकों का भरोसा जीतने पर पूरा ध्यान दिया। धीरे-धीरे उनकी मेहनत रंग लाई और उत्पादन लगातार बढ़ता गया।

आज 'मानसून मशरूम्स' बना बड़ा ब्रांड

कुछ ही वर्षों में राहुल ने अपनी कंपनी 'मानसून मशरूम्स' की स्थापना की। आज यह कंपनी केवल ताजा मशरूम बेचने तक सीमित नहीं है। कंपनी किसानों को स्पॉन (बीज) उत्पादन, फार्म डिजाइन, तकनीकी सलाह और मशरूम खेती की ट्रेनिंग भी उपलब्ध कराती है। इससे उनका बिजनेस लगातार बढ़ता गया।

यह भी पढ़ें | गेहूं छोड़ हल्दी की खेती शुरू की, लाखों में कमा रही कंचन वर्मा

मशरूम से बनाए कई वैल्यू एडेड प्रोडक्ट

राहुल ने केवल कच्चे मशरूम बेचने पर भरोसा नहीं किया। उन्होंने मशरूम से सूप, अचार, बिरयानी मिक्स और दूसरे वैल्यू एडेड प्रोडक्ट तैयार करना शुरू किया। इससे उनकी आय के नए स्रोत बने और कंपनी को बाजार में अलग पहचान मिली।

कोरोना काल में भी नहीं रुका कारोबार

कोविड-19 महामारी के दौरान जब कई कारोबार प्रभावित हुए, तब राहुल ने सीधे ग्राहकों तक अपने उत्पाद पहुंचाने की रणनीति अपनाई। मजबूत मार्केटिंग और डायरेक्ट सेलिंग मॉडल की वजह से उनका बिजनेस लगातार चलता रहा और कंपनी ने मुश्किल समय में भी अच्छी ग्रोथ दर्ज की।

यह भी पढ़ें | तीन दोस्तों ने पार्टी में लिया एक फैसला, 50 करोड़ का पहुंच गया कारोबार

युवाओं के लिए बड़ी सीख

राहुल गोविंद की सफलता बताती है कि अगर सही ट्रेनिंग, नई सोच और बेहतर मार्केटिंग के साथ खेती की जाए, तो यह भी करोड़ों रुपये का बिजनेस बन सकती है। आज उनकी कंपनी का सालाना टर्नओवर ₹2 करोड़ से अधिक है और वह कई किसानों को रोजगार देने के साथ-साथ मशरूम खेती के लिए प्रेरित भी कर रहे हैं।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

होमट्रेंड्सSuccess Story: मर्चेंट नेवी की नौकरी छोड़ शुरू की मशरूम की खेती, खड़ी कर दी करोड़ों की कंपनी
More