
Success Story: कहते हैं परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। परिश्रम करने वालों को एक न एक दिन सफलता जरूर मिलती है। कुछ ऐसा ही रामचंद्र अग्रवाल (Ram Chandra Agrawal) ने अपनी कड़ी मेहनत के दम पर ही फर्श से अर्श तक का सफर तय किया है। कभी कर्ज लेकर दुकान खोलने वाले रामचंद्र ने आज करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर दिया है। राजचंद्र अग्रवाल विशाल मेगा मार्ट (Vishal Mega Mart) के फाउंडर हैं। दिव्यांग होने के बावजूद उन्होंने जिस तरह से एक हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की कंपनी खड़ी की वो लोगों के लिए एक बड़ी मिसाल है। रामचंद्र अग्रवाल ने कभी हार नहीं मानी और जिंदगी में बड़ी सफलता हासिल की।
रामचंद्र अग्रवाल ने एक फोटोस्टेट की दुकान से करोड़पति बनने तक का सफर तय किया है। लेकिन यह सब इतना आसान नहीं था। रामचंद्र को 4 साल की उम्र में ही पोलियो हो गया, जो बिना सहारे के अपने पैरों पर खड़ा नहीं हो सकता उसने कैसे 6500 करोड़ की कंपनी खड़ी कर दी। रामचंद्र ने कोलकाता के एक 50 वर्ग फीट की दुकान से ऐसा बिजनेस शुरू किया जो 20 लाख वर्ग फीट तक फैल गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रामचंद्र ने बहुत ही छोटे से बिजनेस से अपनी जिंदगी की शुरुआत की थी। उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद साल 1986 में कुछ रुपये उधार लेकर एक फोटोस्टेट की दुकान खोली। इस काम को उन्होंने एक साल तक किया। इसके बाद उन्होंने कुछ बड़ा बिजनेस करने की सोची।
इसके बाद उन्होंने एक कपड़े के छोटे बिजनेस से शुरुआत की। रामचंद्र अग्रवाल ने करीब 15 सालों तक कोलकाता में कपड़ों का बिज़नेस किया। लेकिन वो हमेशा से कुछ बड़ा करना चाहते थे। इसलिए वो कोलकाता की अपनी दुकान को बंद करके दिल्ली चले आए।
रामचंद्र अग्रवाल ने साल 2001-02 में विशाल रिटेल की नींव रखी। यह बिजनेस चल निकला। विशाल रिटेल धीरे-धीरे विशाल मेगा मार्ट में बदल गया। इसके बाद रामचंद्र अग्रवाल की कंपनी विशाल मेगा मार्ट का नाम शेयर बाज़ार में भी शामिल हो गया। लेकिन, साल 2008 रामचंद्र के लिए अच्छा साबित नहीं हुआ। शेयर बाज़ार में गिरावट के कारण उनकी कंपनी विशाल मेगा मार्ट पूरी तरह से डूब गया। इस दौरान वह कर्ज के नीचे दब गए और विशाल मेगा मार्ट को बेचना पड़ा।
रामचंद्र ने अपनी कंपनी को श्री राम ग्रुप के हाथों बेच दिया। श्री राम ग्रुप ने उनकी कंपनी विशाल रिटेल की हिस्सेदारी खरीदी थी। इस तरह उनकी कंपनी बिकने से तो बच गई, लेकिन वो दो हिस्से में बंट गई। इसके बाद रामचन्द्र अपनी सूझ-बूझ से से आगे बढ़े और एक बार फिर से रिटेल बाजार में अपनी जमीन बनाने में जुट गए हैं। उनकी कंपनी वी2 रिटेल बाजार भारत के सबसे तेजी से उभरते हुए रिटेल बाजारों में से एक है।
विशाल मेगा मार्ट को बेचने के बाद भी रामचंद्र अग्रवाल का हौंसला नहीं टूटा। उन्होंने बची-खुची पूंजी से एक बार फिर रिटेल कारोबार के क्षेत्र में एंट्री ली। वी टू कंपनी खड़ी कर दी। वी2 रिटेल का पहला स्टोर जमशेदपुर में खोला गया था। साल 2013 में कंपनी ने 100 करोड़ के कारोबार के आंकड़े को छू लिया। साल 2014 में V2 रिटेल का टर्नओवर 225 करोड़ को पार कर गया। 2024 तक आते-आते कंपनी ने पूरे देश में 150 से ज्यादा स्टोर खोल लिए हैं। रामचंद्र अग्रवाल अब करीब 5,600 करोड़ के साम्राज्य के मालिक हैं।
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