Success Story: UPSC की परीक्षा सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है। काफी ज्यादा कॉम्पिटिशन होने के बावजूद भी लाखों उम्मीदवार परीक्षा में शामिल होते हैं, जिसमें कुछ ही लोगों को सफलता हासिल हो पाती है। कुछ लोगों की सक्सेस स्टोरी बाकी उम्मीदवारों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन जाती हैं। कुछ ऐसी प्रेरणादायक कहानी IAS सौम्या शर्मा की है। अचानक सुनने की क्षमता खोने के बाद सौम्या ने देश की सबसे कठिन परीक्षा को शानदार रैंक से क्रैक किया है।
IAS सौम्या शर्मा का नाम देश की सबसे मशहूर महिला आईएएस अधिकारियों में शामिल है। उन्होंने साल 2017 की सिविल सर्विस परीक्षा की परीक्षा रैंक 9 लाकर क्रैक की है। उनका यूपीएससी सफर काफी संघर्ष भरा रहा है। सौम्या शर्मा मूलरूप से दिल्ली की रहने वाली हैं। उनकी पूरी पढ़ाई दिल्ली में ही हुई है। सौम्या के पिता अशोक शर्मा और मां लीना शर्मा पेशे से डॉक्टर हैं। यही वजह है कि उन्हे शुरू से घर में पढ़ाई का माहौल मिला है।
16 साल की उम्र में सुनने की क्षमता खत्म
आईएएस सौम्या शर्मा ने 16 वर्ष की उम्र में सुनने की क्षमता को खो दिया था। लेकिन उन्होंने इससे हार नहीं मानी और आईएएस बनने के अपने सपने को जिन्दा रखा और इसे पूरा किया। उन्होंने स्कूल से शिक्षा ग्रहण करने के बाद नेशनल लॉ स्कूल में एडमिशन लेकर लॉ की डिग्री हासिल की है। लॉ की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने यूपीएससी पास कर प्रशासनिक अधिकारी बनना तय कर लिया था।
चार महीने की तैयारी में मिली सफलता
IAS सौम्या शर्मा ने आईएएस प्रीलिम एग्जाम को केवल 4 महीने में ही क्रैक कर लिया था, इस एग्जाम में उन्होंने देशभर में 9वीं रैंक हासिल की। उन्होंने ग्रेजुएशन के बाद वर्ष 2017 में इस एग्जाम को देने का विचार बनाया और पहले ही अटेम्प्ट में आईएएस बनने का गौरव हासिल किया। सौम्या ने बताया कि वो घर पर ही 10-15 घंटे तक पढ़ाई करती थीं। सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के समय भी वह इतनी बीमार थीं कि उन्हें एक दिन तो दिन में तीन बार सलाइन चढ़ानी पड़ी।
सौम्या शर्मा का मानना है कि अगर आपको सेल्फ स्टडी के दम पर परीक्षा पास करने का भरोसा है तो कोचिंग की जरूरत नहीं है। हां, अगर गाइडेंस चाहिए तो उसके लिए कोचिंग ली जा सकती है। यह पूरी तरह आप पर निर्भर करता है। उनका मानना है कि कोचिंग ज्वाइन करने पर सेल्फ स्टडी बेहद जरूरी है। अगर आप अच्छे शेड्यूल के साथ जान लगाकर पढ़ाई करते हैं तो सफलता जरूर मिलेगी।