Success Story: पाकिस्तान से आए श्रवण ने बना दिया करोड़ों की कंपनी, 50 देशों में फैला कारोबार

Success Story: साल 1972 में श्रवण कुमार पाकिस्तान छोड़कर भारत आ गए। यहां श्रवण ने राजस्थान के बाड़मेर में ठिकाना जमाया। श्रवण के पास कोई बड़ी डिग्री तो नहीं थी, लेकिन मेहनती थे। श्रवण ने एक छोटी सी किराना की दुकान खोली और आज बिजनेस के क्षेत्र में करोड़ों रुपये की कंपनी खड़ी कर दी। 

Jitendra Singh
अपडेटेड11 Feb 2026, 06:06 AM IST
Success Story: श्रवण कुमार की कंपनी महेश एग्रो फूड इंडस्ट्री 50 देशों में निर्यात करती है।
Success Story: श्रवण कुमार की कंपनी महेश एग्रो फूड इंडस्ट्री 50 देशों में निर्यात करती है। (Maheshagro.com )

Success Story: कहते हैं मेहनत वह सुंदर चाभी है, जो किस्मत के फाटक खोल देती है। कुछ ऐसा ही राजस्थान के बाड़मेर के श्रवण कुमार ने कर दिखाया है। श्रवण कुमार साल 1972 में पाकिस्तान के सिंध प्रांत से भारत आए थे। उनके के पास न तो कोई डिग्री थी और न ही कोई पूंजी। उनके पास सिर्फ हौसला और कड़ी मेहनत थी। इसी के दम पर श्रवण ने करोड़ों का साम्राज्य खड़ा कर दिया। आज श्रवण कुमार 250 करोड़ रुपये के सालाना टर्नओवर वाली कंपनी के मालिक हैं। उनकी कंपनी के प्रोडक्ट 50 से ज्यादा देशों में निर्यात किए जाते हैं।

न्यूज 18 में छपी खबर के मुताबिक, श्रवण कुमार माहेश्वरी का जन्म पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हुआ था। वहां उन्होंने मैट्रिक तक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद 1971 के युद्ध के बाद परिवार के साथ वे भारत आ गए। बाड़मेर शहर में बसने के बाद स्टेशन रोड पर एक छोटी सी किराना की दुकान से अपना कारोबार शुरू किया। शुरुआती दौर में श्रवण कुमार मनिहार का सामान बेचते थे। फिर तेल की दुकान चलाई। मेहनत और ईमानदारी से ग्राहकों का भरोसा जीता।

महेश एग्रो इंडस्ट्री की स्थापना

रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2001 में श्रवण कुमार ने अपने कारोबार को ग्वार गम उद्योग में बदल दिया। यहीं से उनकी किस्मत के दरवाजे खुल गए। श्रवण कुमार ने महेश एग्रो फूड इंडस्ट्री की स्थापना की। शुरू में कई तरह की चुनौतियाों का सामना करना पड़ा, लेकिन श्रवनण ने हार नहीं मानी। बाजार की समझ और गुणवत्ता पर ध्यान ने रंग दिखाया। धीरे-धीरे उनके उत्पाद जर्मनी, अमेरिका, चीन, रूस, ब्रिटेन, जापान सहित 50 देशों में पहुंचने लगे। आज उनकी कंपनी अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरने वाला प्रोसेस्ड ग्वार गम पाउडर निर्यात करती है। विदेशी खरीदार उनकी क्वालिटी और समयबद्ध डिलीवरी की तारीफ करते नहीं थकते हैं।

यह भी पढ़ें | बिजनेस में नहीं मानी हार, तुलसी से बना दी 250 करोड़ की कंपनी

250 करोड़ का साम्राज्य

श्रवण कुमार कहते हैं कि 1972 में पाकिस्तान से भारत आया था। उस समय जेब खाली थी। लेकिन हौसला भरा हुआ था। उन्होंने कभी डिग्री को रुकावट नहीं माना। बाजार की मांग को समझा, आधुनिक तकनीक अपनाई और अपने कारखाने में ऑटोमैटिक प्लांट लगवाए। आज उनकी कंपनी में सैकड़ों लोग काम कर रहे हैं। किसान, मजदूर, इंजीनियर और मार्केटिंग स्टाफ भी शामिल हैं। उनके प्लांट में ISO और FSSAI सर्टिफिकेशन हैं। श्रवण का मानना है कि समय पर डिलीवरी दो यही सफलता का राज है। आज उनकी कंपनी का कारोबार 250 करोड़ रुपये से ऊपर पहुंच गया है।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सSuccess Story: पाकिस्तान से आए श्रवण ने बना दिया करोड़ों की कंपनी, 50 देशों में फैला कारोबार
More
बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सSuccess Story: पाकिस्तान से आए श्रवण ने बना दिया करोड़ों की कंपनी, 50 देशों में फैला कारोबार