Success Story: सफलता की कहानी वह यात्रा है जिसमें कोई व्यक्ति अपने जीवन में कठिनाइयों, संघर्षों और असफलताओं का सामना करते हुए अपने लक्ष्यों को हासिल कर लेता है। कुछ ऐसा ही उत्तर प्रदेश के सहारनपुर की रहने वाली 19 साल की शुभावरी ने कर दिखाया है। शुभवारी की जिंदगी किसान परिवार से जुड़ी हुई है। खेलने-कूदने की उम्र में शुभावरी ने हल पकड़ लिया। इसके बाद खेती शुरू कर दी। फिर शुभावरी ने अपने घर पर ही 20-25 देसी गाय पाल लिया। इसके बाद शुभावरी ने गौ पालन का बिजनेस शुरू कर दिया।
शुभावरी खेती और बिजनेस के साथ ही पढ़ाई पर भी ध्यान दे रही है। लोकल 18 में छपी खबर के मुताबिक, शुभावरी सहारनपुर के मुन्ना लाल डिग्री कॉलेज से ग्रेजुएशन कर रही हैं। उन्हें खेती करने के साथ ही गौ पालन का शौक है। 10 साल की उम्र से ही खेती कर रही हैं। गायों को नहलाना, चारा-पानी देने का काम शुभावरी खुद ही करती हैं। इसके बाद गायों को दुहकर उनके दूध से घी बनाने का काम करती है। इस घी को वो ऑनलाइन बेचती हैं। जिससे देश से बाहर उनके ग्रहक जुड़ गए हैं।
पेरिस-लंदन तक घी सप्लाई
लोकल 18 से बातचीत करते हुए शुभावरी ने बताया कि एक साल में वो लगभग 70 से 80 किलो देसी गायों का घी निकालकर उसको ऑनलाइन बेचती हैं। उन्होंने बताया कि पेरिस, लंदन, स्विट्जरलैंड, दुबई तक घी की सप्लाई करती हैं। घी के दाम 2000 रुपये किलो तक आसानी से मिल जाते हैं। शुभावरी का कहना है कि इस देसी गाय के घी में बीमारियों से लड़ने की ताकत भी होती है। यह 100 फीसदी शुद्ध है। शुभवारी ने बताया कि उनकी गौ शाला में देसी गाय में साहिवाल, गिर, थारपारकर जैसी गायें शामिल हैं। उनके दूध से इस घी को निकाला जाता है।
साल भर में 70-80 किलो घी बिक जाता है
लोकल 18 के साथ बातचीत करते हुए शुभावरी ने बताया कि वो साल भर में करीब 70-80 किलो घी तैयार कर लेती हैं। फिर इसे ऑनलाइन और लोकल बाजार में बिक्री करती हैं। आसापास के इलाकों में होम डिलीवरी की जाती है। यह घी देखने में पूरी तरह से सोने की तरह है। शुभावरी ने आज खेती को ही बिजनेस बना लिया है। 2000 रुपये किलो बेचकर मोटी कमाई भी कर रही हैं।