Success Story: महिला सिपाही बन गईं असिस्टेंट प्रोफेसर, दिन में ड्यूटी, रात में पढ़ाई

Success Story: उत्तर प्रदेश पुलिस की महिला सिपाही भारती यादव ने पुलिस की ड्यूटी निभाते हुए अपने सपने को पूरा किया है। भारती दिन भर ड्यूटी करतीं, जब पढ़ाई का मौका मिलता तो पढ़ाई करतीं। इसके बाद भारती ने UGC परीक्षा पास कर असिस्टेंट प्रोफेसर बन गईं हैं।

Jitendra Singh
अपडेटेड15 Dec 2025, 06:20 AM IST
Success Story: 2021 बैच की कांस्टेबल भारती यादव जौनपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर बन गईं हैं।
Success Story: 2021 बैच की कांस्टेबल भारती यादव जौनपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर बन गईं हैं।

Success Story: अगर मन में सच्ची लगन हो, तो पहाड़ जैसा लक्ष्य भी बौना साबित हो जाता है। इस बात को महिला सिपाही भारती यादव (Bharti Yadav) ने सच कर दिखाया है। उन्होंने पुलिस की वर्दी में कर्तव्य निभाते हुए पढ़ाई का सपना नहीं छोड़ा और अपनी मेहनत के दम पर वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर में असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी पाने में सफलता हासिल की है। भारती बचपन से ही पढ़ने में होशियार थी। पुलिस में नौकरी पाने के बाद भी वो पढ़ाई करती रहीं और अपने सपने को पूरा किया।

भारती यादव पुलिस की वर्दी में कर्तव्य निभाते हुए जीवन की ऊंचाई पर पहुंचने का सपना नहीं छोड़ा। भारती के पिता देवेंद्र कुमार यादव परिषदीय विद्यालय में शिक्षक हैं। वहीं उनकी मां मां गृहणी हैं। भारती ने दिन में ड्यूटी और रात में पढ़ाई करके UGC-नेट जैसी कठिन परीक्षा को पास कर लिया है। अब तक थाने में ड्यूटी संभालने वाली भारती, अब छात्रों को पढ़ाएंगी. उन्होंने इस परीक्षा को पास करके अब शिक्षा के क्षेत्र मे कदम रखा है।

साल 2021 में पुलिस में शामिल हुईं थी भारती

भारती को साल 2021 में उत्तर प्रदेश पुलिस में नौकरी मिली थी। बतौर कांस्टेबल उनकी पहली तैनाती बलिया जिले के नरही थाने में हुई थी। कठिन परिस्थितियों में भारती ने अपनी पढ़ाई नहीं छोड़ी। भारती ने बताया कि पुलिस की ड्यूटी के साथ पढ़ाई करना आसान नहीं था, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। भारती का कहना है कि पुलिस की इमरजेंसी ड्यटी होती है। वह जब खाना बनाने लगती थी तो उसी समय आधी पढ़ाई कर लेती थी। कभी दिन में तो कभी रात में ड्यटी करना होता था। वह ड्यटी से छूटने के बाद भी पढ़ाई करने लगती थी।

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भारती ने बताया कि सिपाही की नौकरी करते हुए आप पढ़ाई के घंटे निर्धारित नहीं कर सकते। सिपाही का काम आपात सेवाओं वाला है। ऐसे में पढ़ाई को मैनेज करना होता है। आप अगर विषय पर ध्यान देते हुए तैयारी करेंगे तो सफल होंगे। एक बार में सभी चीजों को ध्यान में रखेंगे तो मुश्किल होती है। भारती ने कहा कि इस सफलता के लिए मैं एसपी ओमवीर सिंह का धन्यवाद दूंगी। उन्होंने हमेशा मेरा मार्गदर्शन किया। उनसे जब मिली, उन्होंने कहा- पढ़ाई जारी रखो। उन्होंने हमेशा पढ़ाई के लिए प्रेरित किया।

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पुलिस विभाग ने दी बधाई

बलिया पुलिस विभाग ने भारती को उनकी सफलता पर शुभकामनाएं दी है। एसपी ओमवीर सिंह ने उन्हें प्रोफेसर पद पर चयन की शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि भारती यादव ने न सिर्फ बलिया पुलिस, बल्कि पूरे विभाग को गौरवान्वित किया है। भारती ने दिखाया है कि संसाधन भले ही सीमित हों, आप सपना देखते हैं और उसे पूरा करने का हौसला रखते हैं, तो फिर सफलता आपके कदम चूमेगी।

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