Success Story: गांव में जन्मी लड़की ने ग्लास कटिंग का शुरू किया काम, आज 2.11 लाख करोड़ की बनी कंपनी

Success Story: कहते हैं जहां चाह है, वहां राह है। अगर आपने कुछ करने की ठानी है तो सही लगन के साथ मेहनत करने पर सफलता जरूर मिलती है। कुछ ऐसे ही झोउ क्यूयू फे (Zhou Qunfei) के साथ हुआ। गांव में जन्मी झोउ ने गरीबी को बहुत नजदीक से देखा। आज उन्होंने अपनी मेहनत के दम पर लाखों करोड़ की कंपनी खड़ी कर दी।

Jitendra Singh
अपडेटेड4 Nov 2025, 06:07 AM IST
Success Story: चीन में जन्मी झोउ क्यूयू फे आज लेंस टेक्नोलॉजी की मालकिन हैं।
Success Story: चीन में जन्मी झोउ क्यूयू फे आज लेंस टेक्नोलॉजी की मालकिन हैं।

Success Story: कई लोग सोचते हैं कि कामयाबी सिर्फ उन्हीं को मिलती है, जिनके पास पहले से पैसा, नाम या ऊंचे परिवार का सहारा होता है। लेकिन असली सफलता उन लोगों की कहानियों में छिपी होती है जो साधारण हालात से निकलकर असाधारण मुकाम तक पहुंचते हैं। ये वो लोग होते हैं जो संघर्ष से नहीं घबराते, ठोकरें खाते हैं, लेकिन हर बार फिर से उठ खड़े होते हैं। ऐसी ही कहानियां हमें भरोसा देती हैं कि मेहनत, धैर्य और सच्ची लगन से कुछ भी हासिल किया जा सकता है। चीन में जन्मी झोउ क्यूयू फे (Zhou Qunfei) की कहानी ऐसी है जो हर उस इंसान को प्रेरणा दे सकती है जो मेहनत और लगन से अपने सपनों को सच किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में जन्मी झोउ क्यूयू फे (Zhou Qunfei) नाम की महिला आज लेंस टेक्नोलॉजी की मालकिन हैं। उनकी कंपनी दुनिया की सबसे बड़ी टचस्क्रीन बनाने वाली है। लेकिन यह सफर आसान नहीं था। झोउ क्यूयू फे चीन की मशहूर एंटरप्रेन्योर में से एक हैं। उन्होंने खुद अपनी तकदीर बदली है। उनका जीवन संघर्षों के सागर में डूबा रहा।

झोउ के संघर्ष की गाथा

Goodreturns में छपी खबर के मुताबिक, झोउ का जन्म 1970 में चीन के हुनान प्रांत के एक छोटे से गांव में हुआ था। अपने माता-पिता के तीन संतानों में वो सबसे छोटी थीं। झोउ जब 5 साल की थीं, तभी उनकी मां गुजर गईं थीं। उनके पिता मजदूर थे, लकड़ी काम करते थे। उनकी आंखों की रोशनी भी चली गई थी। घर में पैसे की इतनी तंगी थी कि झोउ को स्कूल छोड़ना पड़ा। वो घर का काम संभालने लगीं। लेकिन पढ़ने का शौक था। शाम को मोमबत्ती की रोशनी में किताबें पढ़तीं थीं।

यह भी पढ़ें | कपल ने शुरू की हेयर ट्रिमर की बिक्री, करोड़ों में पहुंचा कारोबार

16 साल की उम्र में झोउ ने अपना घर छोड़ शहर की ओर रूख किया। यहां उन्होंने फैक्ट्री में काम करना शुरू किया। यहां उनको घड़ी की फैक्ट्री में काम मिला। घड़ी की फैक्ट्री में झोउ को ग्लास कटिंग का काम मिला था। झोउ ने सोचा कि इसे ढंग से सीखकर अपनी जिंदगी बेहतर की जा सकती है। इसके बाद झोउ ने ग्लास कटिंग के काम को ढंग से सीखा।

नौकरी करते-करते बनाई फैक्ट्री

न्यूज 18 में छपी खबर के मुताबिक, झोउ 1988 में काम करने शेन्जेन पहुंची। इस शहर को फैक्ट्रियों का हब कहा जाता है। यहां झोउ ने कई कंपनियों में काम किया। हर जगह जॉब बदलने पर नया काम सीखा। इसके बाद झोउ ने नौकरी छोड़ खुद का काम शुरू किया। साल 1993 में झोउ ने 3000 युआन के साथ एक नया बिजनेस शुरू किया। दोस्तों के साथ मिलकर ग्लास प्रोडक्ट्स की छोटी कंपनी खोली। शुरू में मोबाइल फोन के लिए ग्लास बनाया। लेकिन क्वालिटी पर फोकस रखा। इससे ग्राहक खुश हुए और उन्हें ऑर्डर पर ऑर्डर मिलने लगे।

यह भी पढ़ें | पाकिस्तान के श्रवण ने कर दिया कमाल, खड़ा कर दिया करोड़ों का साम्राज्य

झोउ बन गईं लेंस टेक्नोलॉजी की मालकिन

झोउ ने साल 2003 में कंपनी का नाम लेंस टेक्नोलॉजी रख दिया। यह कंपनी टच स्क्रीन बनाने वाली नंबर कंपनी है। कंपनी के पास एप्पल, सैमसंग, एचपी जैसे बड़े ब्रांड्स ग्राहक हैं। कर्मचारियों की संख्या लाखों में पहुंच गई है। कंपनी का वैल्यूएशन 6 अरब डॉलर पहुंच गया है। झोउ की नेट वर्थ 7.2 अरब डॉलर यानी करीब 60,000 करोड़ रुपए है। फोर्ब्स की रिपोर्ट में उन्हें दुनिया की सबसे अमीर सेल्फ-मेड महिला कहा गया है।

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सSuccess Story: गांव में जन्मी लड़की ने ग्लास कटिंग का शुरू किया काम, आज 2.11 लाख करोड़ की बनी कंपनी
More
बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सSuccess Story: गांव में जन्मी लड़की ने ग्लास कटिंग का शुरू किया काम, आज 2.11 लाख करोड़ की बनी कंपनी
OPEN IN APP