Supreme Court News: मैं आपको आदेश देता हूं…सुप्रीम कोर्ट में याचिकाकर्ता की बदजुबानी, CJI को कहे अपशब्द

सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई के दौरान हैरान कर देने वाला नजारा देखने को मिला। एक याचिकाकर्ता ने कोर्ट की अवमानना की। उसने सुनवाई के दौरान अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और केस के कागज हवा में उछाल दिए। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला

Anuj Shrivastava
अपडेटेड10 Jul 2026, 04:27 PM IST
सुप्रीम कोर्ट में याचिकार्ता ने सीजेआई को दी गाली
सुप्रीम कोर्ट में याचिकार्ता ने सीजेआई को दी गाली

Supreme Court News: सुप्रीम कोर्ट में आज एक हैरान कर देने वाला मंजर देखने को मिला। शुक्रवार को एक केस की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने खुद पैरवी की। कोर्ट में सुनवाई के दौरान याचिकर्ता ने अपना आपा खो दिया और कोर्ट में अभद्र भाषा इस्तेमाल करने लगा। इसका एक वीडिया सामने आया है, जिसमें याचिकाकर्ता केस के कागज को हवा में उछाले और सीजेआई को अपशब्द कह रहा है।

क्या है पूरा मामला?

सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस के. वी. विश्वनाथन और जस्टिस आलोक आराधे की पीठ मामले की सुनवाई कर रही थी। इस दौरान याचिकाकर्ता ने पीठ के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए कहा कि मिस्टर ज्यूडिशियल सर्वेंट, मैं आपको आदेश देता हूं कि लखनऊ के एसीपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दें।

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याचिकाकर्ता की बात सुनकर जस्टिस विश्वनाथन ने पूछा कि आप मुझे आदेश दे रहे हैं? आप हमें आदेश दे रहे हैं? इस पर याचिकाकर्ता ने कहा कि मुझे बस इतना ही कहना है। सब कुछ रिकॉर्ड में है। इसके बाद याचिकाकर्ता ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए केस के कागज को हवा में उछाल दिया। हालांकि सुरक्षाकर्मी ने उसे तुरंत पकड़ लिया और कोर्ट रूम से बाहर घसीट कर ले गए।

क्या कोर्ट ने की कार्रवाई

याचिकाकर्ता के इस व्यवहार पर कोर्ट ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया और उसकी याचिका खारिज कर दी। कोर्ट में मचे हंगामे के बाद जस्टिस केवी विश्वनाथन ने कहा कि वो बहुत परेशान है, ये सब हताशा है। हमें उसके लिए केवल सहानुभूति है।

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क्या है कोर्ट के अवमानना की सजा?

सुप्रीम कोर्ट के अवमानना की सजा अधिनियम, 1971 के तहत तय की जाती है। सुप्रीम कोर्ट के पास अवमानना के दोषी व्यक्ति को अधिकतम 6 महीने तक की कैद, या 2,000 रुपये तक का जुर्माना, या दोनों की सजा देने का अधिकार है। हालांकि, सजा तय करते समय कोर्ट मामले की गंभीरता, आरोपी के आचरण और माफी या सुधार की स्थिति को ध्यान में रखता है।

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