Surya Grahan 2026 Timing: सूर्य ग्रहण कितने बजे होगा खत्म, कहां - कहां दिखाई दे रहा है? जानिए पूरी डिटेल

Surya Grahan 2026 Timing: साल का पहला सूर्य ग्रहण दोपहर 3:26 बजे से शुरू हो गया है। यह शाम 7:52 बजे समाप्त होगा। यह वलयाकार ‘रिंग ऑफ फायर’ ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल भी मान्य नहीं होगा। ग्रहण अंटार्कटिका और दक्षिण अफ्रीका में दिखेगा।

Jitendra Singh
अपडेटेड17 Feb 2026, 05:59 PM IST
Surya Grahan 2026 Timing: सूर्य ग्रहण एक अद्भुत खगोलीय घटना है।
Surya Grahan 2026 Timing: सूर्य ग्रहण एक अद्भुत खगोलीय घटना है।(HT)

Surya Grahan 2026 Timing: सूर्य ग्रहण 2026 आज से लग गया है। सूर्य ग्रहण सबसे अद्भुत खगोलीय घटनाओं में से एक है, जिसे ज्योतिष और विज्ञान दोनों ही अलग-अलग नजरिए से देखते हैं। इसलिए जब सूर्य ग्रहण होता है तो इसे एक विशेष घटना माना जाता है। इस बार सूर्य ग्रहण 17 फरवरी, 2026 को लग रहा है। सूर्य ग्रहण अक्सर अमावस्या के दिन होते हैं।

सूर्य ग्रहण दिन में 3 बजकर 26 मिनट से शुरू हो गया है। यह शाम 7.52 बजे समाप्त होगा। सूर्य ग्रहण के चरम काल के दौरान दुनिया के कई हिस्सों में सूर्य 'रिंग ऑफ फायर' की तरह दिखाई दे रहा है। सूर्य ग्रहण शाम 5.42 बजे ग्रहण अपने चरम पर होगा। लेकिन ये सूतक मान्य नहीं होगा क्योंकि भारत में ग्रहण दिखाई नहीं दे रहा है।

देखने को मिलेगा खास नजारा

इस बार सूर्य ग्रहण के दौरान करीब 2 मिनट 20 सेकेंड तक खास नजारा देखने को मिलेगा। इसी समय चंद्रमा, सूर्य के लगभग 96 प्रतिशत हिस्से को ढक लेगा। ऐसे में सूर्य का सिर्फ बाहरी किनारा ही चमकता दिखेगा। जब यह स्थिति बनेगी तो आसमान ऐसा नजारा दिखेगा कि सूर्य के चारों और चमकती हुई आग की गोल अंगूठी सी बन गई हो। यही वजह कि इसे रिंग ऑफ फायर कहा जा रहा है। हालांकि, भारत में यह खूबसूरत नजारा देखने को नहीं मिलेगा। इस ग्रहण की पीक टाइमिंग शाम 5 बजकर 42 मिनट पर रहेगी।

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वलयाकार सूर्य ग्रहण क्या है

17 फरवरी 2026 का वलयाकार सूर्य ग्रहण यानी Annular Solar Eclipse लग रहा है। यह पूर्ण सूर्य ग्रहण नहीं होगा क्योंकि चन्द्रमा की छाया इस दौरान सूर्य का 100% भाग नहीं ढकेगी। बल्कि 96.3% भाग ही दखेगी। वलय अवस्था के दौरान चन्द्रमा की छाया सूर्य के चारों ओर एक वलयाकार आकृति का निर्माण करेगी। जिससे धरती से देखने पर सूर्य आग की चमकती अंगूठी (Ring Of Fire) जैसा दिखाई देगा। बता दें इस वलयाकार सूर्य ग्रहण की अधिकतम अवधि 2 मिनट और 20 सेकण्ड की होगी। वलयाकार सूर्य ग्रहण का अद्भुत नजारा अन्टार्कटिका के अधिकांश भागों में देखने को मिलेगा।

कहां दिखेगा सूर्य ग्रहण?

यह ग्रहण दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे, जाम्बिया, तंजानिया, मॉरिशस, अंटार्कटिका और दक्षिण अमेरिका के कुछ हिस्सों में दिखेगा। ज्योतिष मान्यताओं के मुताबिक, ग्रहण के समय मिथुन लग्न रहेगा। इसके अलावा मंगल अस्त रहेंगे।

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भारत में सूर्य ग्रहण नहीं, क्या ऐसे में शुभ कार्य कर सकते हैं?

जब सूतक काल लगता है तो सूर्य ग्रहण के दिन पूजा, पाठ, विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन, उपनयन समेत सभी शुभ संस्कार करने की मनाही होती है। आज का सूर्य ग्रहण भारत में नहीं दिख रहा है, ऐसे में इसका सूतक काल मान्य नहीं है। इस स्थिति में शुभ कार्य कर सकते हैं, उस पर कोई रोक नहीं है। हालांकि फिर भी ग्रहण वाले दिन मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए।

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