Tamil Nadu Election Result: तमिलनाडु की राजनीति में इस बार ऐतिहासिक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। शुरुआती रुझानों में अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) ने ऐसा प्रदर्शन किया है, जिसने दशकों से चली आ रही DMK और AIADMK की दोध्रुवीय राजनीति को सीधी चुनौती दे दी है। तमिलनाडु में लंबे समय से द्रविड़ राजनीति का गढ़ रहा है, जहां पिछले करीब 50 वर्षों से सत्ता का खेल मुख्य रूप से द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (DMK) और ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के बीच ही सीमित रहा है। लेकिन इस बार के चुनाव में यह समीकरण पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है।
रुझानों के अनुसार, TVK ने कई सीटों पर बढ़त बनाकर खुद को एक मजबूत तीसरी ताकत ही नहीं, बल्कि सत्ता के दावेदार के रूप में स्थापित कर दिया है। कई रिपोर्ट्स में यह भी संकेत मिले हैं कि पार्टी 100 से ज्यादा सीटों पर बढ़त बनाकर सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है। इस चुनाव की सबसे बड़ी कहानी यही है कि विजय ने अपने पहले ही बड़े चुनाव में राज्य की राजनीति को हिला कर रख दिया है। उनका राजनीतिक डेब्यू केवल स्टार पावर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे मजबूत संगठन और जमीनी स्तर के नेटवर्क का भी समर्थन मिला।
तमिलनाडु का कौन बनेगा सीएम
मुख्यमंत्री पद को लेकर भी अब बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। अगर TVK अपनी बढ़त को बनाए रखती है और बहुमत के करीब पहुंचती है, तो विजय खुद मुख्यमंत्री बन सकते हैं। यह स्थिति तमिलनाडु के राजनीतिक इतिहास में एक बड़ा बदलाव होगी, क्योंकि 1977 के बाद पहली बार ऐसा हो सकता है कि DMK या AIADMK के बाहर कोई सरकार बने। दूसरी ओर, मौजूदा मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के नेतृत्व वाली DMK को इस बार कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ रहा है। कुछ सीटों पर पार्टी आगे जरूर है, लेकिन कई जगहों पर उसे अप्रत्याशित नुकसान झेलना पड़ रहा है। यहां तक कि स्टालिन खुद भी अपनी पारंपरिक सीट पर पीछे नजर आ रहे हैं।
विजय ही स्टार है
AIADMK की स्थिति भी कुछ खास मजबूत नजर नहीं आ रही है। वह मुकाबले में बनी हुई है, लेकिन निर्णायक बढ़त हासिल करने में पीछे दिख रही है। इससे साफ है कि इस बार चुनाव पारंपरिक दो दलों के बीच नहीं, बल्कि त्रिकोणीय मुकाबले में बदल गया है। जानकारों का मानना है कि इस बदलाव के पीछे कई कारण हैं। एंटी-इन्कंबेंसी फैक्टर, युवा मतदाताओं का झुकाव और विजय की लोकप्रियता ने मिलकर इस चुनाव को पूरी तरह नया रूप दे दिया है। विजय ने अपने फिल्मी करियर से मिले जनाधार को राजनीतिक समर्थन में बदलने में सफलता हासिल की है, जो पहले कई सितारों के लिए संभव नहीं हो पाया था।
तमिलनाडु में नए युग की शुरुआत
यह चुनाव केवल सरकार बदलने का संकेत नहीं दे रहा, बल्कि तमिलनाडु की राजनीति के नए युग की शुरुआत भी माना जा रहा है। अगर TVK सत्ता में आती है, तो राज्य की राजनीति में स्थायी बदलाव देखने को मिल सकता है और द्रविड़ दलों का दशकों पुराना दबदबा कमजोर पड़ सकता है। हालांकि अंतिम नतीजे अभी आने बाकी हैं और कई सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी है। इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि अगली सरकार किसकी बनेगी, लेकिन इतना तय है कि इस बार का चुनाव तमिलनाडु की राजनीति को लंबे समय तक प्रभावित करेगा।