
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर, सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने बंद कमरे में एक बैठक की। 15 सदस्यीय देशों वाली सुरक्षा परिषद की ये बैठक सोमवार दोपहर करीब डेढ़ घंटे तक चली। बैठक के बाद परिषद की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं जारी किया गया है।
भारत और पाकिस्तान दोनों ही परमाणु हथियारों से लैस वाले देश हैं। इन दोनों पड़ोसी देशों के बीच तनाव को लेकर पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से मीटिंग कराने का अनुरोध किया था। पाकिस्तान इस समय सुरक्षा परिषद का अस्थायी सदस्य है।
भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को लेकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बंद कमरे में होने वाली मीचिंग के कुछ देर पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने भारत और पाकिस्तान के बीच स्थिति पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हालात पिछले कई सालों में सबसे ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं। गुटेरेस ने दोनों देशों से ज्यादा से ज्यादा संयम बरतने और इस टकराव की स्थिति से पीछे हटने की अपील किया।
एक बयान में गुटेरेस ने साफ कहा, 'इस बात में कोई शक नहीं कि सैन्य रास्ता किसी भी समस्या का हल नहीं है।' उन्होंने दोनों देशों से शांति कायम रखने की अपील करते हुए आगे कहा कि 'यूएन हर उस कोशिश का समर्थन करेगा जो तनाव को कम करने, बातचीत को बढ़ावा देने और शांति के लिए एक नई शुरुआत करने की ओर बढ़े।'
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ये बातें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत-पाक तनाव पर बंद कमरे में होने वाली चर्चा से कुछ समय पहले कहा। बंद कमरे में हाने वाली यह बैठक पाकिस्तान के अनुरोध पर बुलाई गई थी।
22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले की एंटोनियो गुटेरेस ने कड़ी निंदा की और मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई। इस हमले को लेकर उन्होंने कहा, नागरिकों को निशाना बनाना बिल्कुल अस्वीकार्य है। जो भी इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें कानून के आधार सजा मिलनी चाहिए।