Tata Sons AGM 2026: देश का सबसे बड़ा कॉर्पोरेट घराना टाटा ग्रुप की मुख्य होल्डिंग कंपनी टाटा संस की आगामी वार्षिक आम बैठक (AGM) पर अनिश्चितता के बादल मंडरा रहे हैं। मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को प्रस्तावित यह महत्वपूर्ण बैठक शायद टल जाए। इस संभावित रुकावट की मुख्य वजह कोई व्यापारिक विवाद नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के चैरिटी कमिश्नर की एक कानूनी पाबंदी है, जिसने बैठक के लिए न्यूनतम उपस्थिति जुटाना बेहद पेचीदा बना दिया है।
आखिर क्यों टल सकती है टाटा संस की एजीएम?
दरअसल, इस पूरे विवाद की जड़ में महाराष्ट्र चैरिटी कमिश्नर का मई में दिया गया वह आदेश है, जिसने सर रतन टाटा ट्रस्ट (SRTT) को अपने बोर्ड की बैठक आयोजित करने से रोक दिया था। कमिश्नर ट्रस्ट के बोर्ड गठन की जांच कर रहे हैं। टाटा संस में सर रतन टाटा ट्रस्ट की हिस्सेदारी 23.56 फीसदी है, जबकि सर दोराबजी टाटा ट्रस्ट (SDTT) के पास 27.98 फीसदी शेयर हैं। दोनों ट्रस्ट मिलकर कंपनी में करीब 66 फीसदी की निर्णायक हिस्सेदारी रखते हैं। जब तक SRTT की बोर्ड बैठक नहीं होती, तब तक दोनों ट्रस्ट मिलकर AGM के लिए अपना संयुक्त प्रतिनिधि नामित नहीं कर सकते।
आखिर क्या है वे शर्त?
टाटा संस के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन के नियम 86 के तहत AGM की कार्यवाही वैध होने के लिए कम से कम 5 सदस्यों का व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना अनिवार्य है। इस नियम की सबसे अहम शर्त यह है कि अगर दोनों प्रमुख ट्रस्टों के पास 40 फीसदी से अधिक हिस्सेदारी है, तो उपस्थित सदस्यों में दोनों का एक साझा प्रतिनिधि होना जरूरी है।
कंपनी में शापूरजी पालोनजी परिवार की भी करीब 18.37 फीसदी हिस्सेदारी है। मौजूदा समय में कानूनी बाधा के कारण साझा प्रतिनिधि का चुनाव नहीं हो पा रहा है, जिससे कोरम अधूरा रहेगा। ऐसे में तय योजना के अनुसार बैठक शुरू तो हो सकती है, लेकिन कोरम न होने पर इसे तुरंत स्थगित करना पड़ सकता है।
चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के पद पर क्या होगा असर?
बता दें कि इस बैठक का सबसे बड़ा एजेंडा टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन के डायरेक्टशिप से जुड़ा था। वे फरवरी में अपना मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद अगले कार्यकाल के लिए आगे नहीं बढ़ना चाहते हैं। सामने आई जानकारी के मुताबिक, अगर कोरम के अभाव में 18 अगस्त की बैठक स्थगित होती है, तो एन चंद्रशेखरन तब तक अपने पद पर डायरेक्टर बने रहेंगे, जब तक कि कानूनी रूप से वैध एजीएम का दोबारा आयोजन नहीं हो जाता है।