दुबई एयर शो में प्रदर्शन के दौरान आज दोपहर एक तेजस फाइटर जेट क्रैश हो गया, जिसमें पायलट की मौत हो गई। विमान दुर्घटना होने के बाद अल मकतूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पर घने काले धुएं का गुबार छा गया। आसमान में गहरे काले धुएं का गुबार उठता देख दर्शकों में अफरा-तफरी मच गई। कार्यक्रम देखने आए बच्चों सहित सैकड़ों लोग घबराहट में सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। रक्षा सूत्रों के अनुसार, दुबई एयर शो के दौरान हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) का बनाया हुआ भारतीय वायुसेना का एक सिंगल सीट लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस विमान क्रैश हुआ है।
हादसे में पायलट की मौत, जांच के लिए गठित हो रही कमेटी
भारतीय वायुसेना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आधिकारिक बयान जारी करते हुए पुष्टि की कि तेजस विमान के पायलट की इस दुर्घटना में मृत्यु हो गई है। वायुसेना ने एक्स पर लिखा, "आज दुबई एयर शो के दौरान हवाई प्रदर्शन करते समय भारतीय वायुसेना का तेजस विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दुर्घटना में पायलट को गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण उनका निधन हो गया। भारतीय वायुसेना इस अपूरणीय क्षति पर गहरा शोक व्यक्त करती है और इस कठिन घड़ी में शोक-संतप्त परिवार के साथ मजबूती से खड़ी है।" वायुसेना ने यह भी बताया कि दुर्घटना के कारणों की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी गठित की जा रही है।
हादसे के बाद आसमान में काले धुएं का गुबार
चश्मदीदों के अनुसार, स्टंट सीक्वेंस के दौरान विमान तेज गति से नीचे की ओर आया और धड़ाम से जमीन से टकरा गया। हादसे के तुरंत बाद रेस्क्यू और फायर ब्रिगेड की टीमों को मौके पर भेजा गया। प्रभावित क्षेत्र को सुरक्षा कारणों से पूरी तरह सील कर दिया गया है। तेजस, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) द्वारा विकसित सिंगल-सीट लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) है। यह भारत की सैन्य तकनीक और रक्षा आत्मनिर्भरता का प्रतीक माना जाता है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किए गए कई प्रदर्शन में अपनी क्षमताओं से प्रभावित कर चुका है।
तेजस के क्रैश होने का इतिहास
यह दो साल से भी कम समय में तेजस से जुड़े क्रैश की दूसरी घटना है। इससे पहले मार्च 2024 में राजस्थान के जैसलमेर में एक तेजस फाइटर जेट इंजन फेल होने की वजह से दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, हालांकि तब पायलट सुरक्षित बाहर निकल आए थे। 2001 में पहली टेस्ट फ्लाइट के बाद 23 साल के इतिहास में वह पहला हादसा था।
क्या है तेजस तेजस लड़ाकू विमान?
भारतीय वायुसेना का तेजस जेट ऐसा फाइटर एयरक्राफ्ट है जिसे शुरुआत से अंत तक भारत में डिजाइन और तैयार किया गया है। इसे हल्का, तेज और अत्याधिक फुर्तीला बनाया गया है ताकि यह ऊंचाई पर तेज गति से नियंत्रित हो सके। इसकी अत्याधुनिक सुरक्षा तकनीक में मार्टिन-बेकर जीरो-जीरो इजेक्शन सीट शामिल है, जो पायलट को शून्य ऊंचाई और शून्य गति पर भी सुरक्षित इजेक्ट होने की क्षमता देती है, चाहे टेक ऑफ हो, लैंडिंग या लो-लेवल उड़ान। एक्सप्लोसिव सिस्टम कैनोपी को हटाते हुए पायलट को विमान से दूर फेंकता है और पैराशूट खोलकर सुरक्षित लैंडिंग सुनिश्चित करता है। बावजूद इसके दुबई में हुई ताजा दुर्घटना ने पायलट की सुरक्षा और विमान के तकनीकी भविष्य को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।