नई दिल्ली: दुबई में आयोजित प्रतिष्ठित एयर शो के दौरान शुक्रवार को भारतीय वायु सेना का स्वदेशी लड़ाकू विमान तेजस दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में विमान के पायलट की दुर्भाग्यपूर्ण मौत हो गई।
भारतीय वायु सेना के प्रवक्ता ने बताया कि एयर शो के दौरान तेजस विमान अचानक क्रैश हो गया। उन्होंने कहा कि वायु सेना पायलट की मौत से बेहद दुखी है और इस कठिन समय में उनके परिवार के साथ खड़ी है।
दुर्घटना कैसे हुई, यह पता लगाने के लिए वायु सेना ने कोर्ट ऑफ इन्क्वायरी बनाने के आदेश दे दिए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक हादसा दोपहर करीब 2 बजकर 10 मिनट पर हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि विमान जमीन पर गिरते ही उसमें आग लग गई और भारी धुआं उठने लगा।
तेजस भारत में बना पहला लड़ाकू विमान है, जिसे हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने तैयार किया है। तेजस इससे पहले कई एयर शो में हिस्सा ले चुका है, लेकिन किसी एयर शो में उसके दुर्घटनाग्रस्त होने की यह पहली घटना है।
जानिए तेजस लड़ाकू विमान से जुड़ी 5 फैक्ट्स
1. तेजस एक सिंगल-सीटर फाइटर जेट है, लेकिन वायुसेना इसके दो-सीटर ट्रेनर वर्ज़न का भी इस्तेमाल करती है। भारतीय नौसेना भी दो-सीटर संस्करण चलाती है। इसका पहला टेस्ट फ्लाइट ‘टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेटर-1 (TD-1)’ वर्ष 2001 में हुआ था। दूसरे सीरीज प्रोडक्शन (SP2) तेजस विमान की पहली उड़ान 22 मार्च 2016 को हुई।
2. तेजस की अधिकतम पेलोड क्षमता 4,000 किलोग्राम है। यह एक इंजन और एक पायलट वाला लड़ाकू विमान है। इसका अधिकतम टेक-ऑफ वज़न 13,300 किलोग्राम है।
3. लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) तेजस 4.5-जनरेशन का मल्टी-रोल फाइटर जेट है। यह दुश्मन पर हमला करने के लिए ऑफेंसिव एयर सपोर्ट देता है और ज़मीनी अभियानों में नज़दीकी लड़ाकू सहयोग भी प्रदान करता है।
4. 2016 में भारतीय वायुसेना की पहली स्क्वाड्रन जिसने तेजस को शामिल किया, वह थी नंबर 45 स्क्वाड्रन ‘फ्लाइंग डैगर्स’। तेजस अपने वर्ग में सबसे छोटा और सबसे हल्का विमान है। इसका आकार और कंपोज़िट मटीरियल का ज्यादा इस्तेमाल इसे हल्का बनाता है।
5. ‘मेक इन इंडिया’ रक्षा परियोजना को बढ़ावा देने के लिए भारत ने अगस्त में भारतीय वायुसेना के लिए 97 LCA तेजस मार्क 1A लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी।