ठंड के मौसम में दिन छोटे, रातें लंबी और तापमान कम होने के साथ पाचन भी अक्सर धीमा पड़ जाता है। सर्दियों में शरीर धीमा काम करता है, पानी कम पिया जाता है, शारीरिक गतिविधि घट जाती है और शरीर गर्मी बचाने पर ध्यान देता है। इन कारणों से कब्ज और पेट फूला हुआ महसूस होना आम है। अगर इस सर्दी टॉयलेट में अधिक समय बैठना पड़ रहा है, तो अब पाचन सुधारने के लिए कदम उठाने का समय है।
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए एक वीडियो में, क्लिनिकल डाइटिशियन और न्यूट्रिशनिस्ट श्वेता शाह पंचाल (SNDT यूनिवर्सिटी और अमेरिकन कॉलेज ऑफ स्पोर्ट्स मेडिसिन प्रशिक्षित) ने कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ बताए जो सर्दियों में कब्ज दूर करने में मदद कर सकते हैं।
उन्होंने कहा, "ठंड में पाचन धीमा हो जाता है, पानी कम पिया जाता है, जिससे गैस और कब्ज की परेशानी बढ़ जाती है। लेकिन सही मौसमी चीज़ें आहार में शामिल करें तो पेट आसानी से साफ होता है और पाचन बेहतर रहता है।" अब जानते हैं वे खाद्य पदार्थ कौन-से हैं।
हरी पत्तेदार सब्जियां
हरी सब्जियां, खासकर पालक, मेथी और सरसों का साग। पालक में अघुलनशील फाइबर खूब होता है, जो कब्ज में राहत देता है। यह फाइबर आंतों को स्वस्थ रखने में मदद करता है और बवासीर व बड़ी आंत से जुड़ी समस्याओं के जोखिम को कम कर सकता है।
ये सभी सब्जियां फाइबर और मैग्नीशियम से भरपूर होती हैं और शरीर में नमी बनाए रखने वाले तत्व भी प्रदान करती हैं। इससे मल त्याग आसान होता है और आंतों की गति बेहतर होती है। आप इन्हें सूप में, दाल में या सब्जी बनाकर अपने सर्दियों के आहार में शामिल कर सकते हैं।
डाइट में शामिल करें घी
घी से दूर भागने की जरूरत नहीं है, बल्कि यह पाचन के लिए काफी फायदेमंद है। घी आंतों में प्राकृतिक चिकनाई जैसा काम करता है। रोजाना सिर्फ 1–2 चम्मच घी खाने से मल नरम होता है, सूखापन कम होता है और पाचन सुधरता है। इसे रोटी, खिचड़ी या चावल में मिलाकर खाया जा सकता है, खासकर सर्दियों में जब शरीर में सूखापन बढ़ जाता है। एक अध्ययन में यह भी पाया गया है कि किशमिश और घी साथ लेने से कब्ज में राहत मिल सकती है।
सर्दियों का सुपरफूड है तिल
तिल सर्दियों का सुपरफूड माना जाता है। इसमें हेल्दी फैट्स, कैल्शियम और फाइबर भरपूर होता है। ये आंतों की सूखापन दूर करते हैं और मल त्याग को आसान बनाते हैं। एक शोध के अनुसार, जो लोग लंबे समय से कब्ज से परेशान थे, उन्होंने 3 हफ्तों तक रोजाना दो बार तिल लेने पर बेहतर सुधार देखा। तिल को सलाद, लड्डू, चटनी में डालें या रात को गर्म दूध में मिलाकर पी सकते हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
इन फूड आइटम्स के साथ-साथ सही मात्रा में गुनगुना पानी पीना और थोड़ी शारीरिक गतिविधि बनाए रखना भी बहुत जरूरी है। इससे पाचन प्रक्रिया सुचारू चलती है और पेट की सेहत बेहतर बनी रहती है।
हमेशा दवाओं या लैक्सेटिव पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं होती। सही खाना और आदतें कब्ज दूर करने में काफी मददगार हो सकती हैं। लेकिन यदि कब्ज लंबे समय तक बना रहे, तो डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)