
Tulsi Vivah 2025: तुलसी विवाह हिंदू परंपरा का एक बेहद पवित्र और मंगलकारी अनुष्ठान है। इस दिन तुलसी माता और भगवान विष्णु के शालिग्राम स्वरूप का विवाह कराया जाता है। मान्यता है कि इससे घर में सुख, शांति और समृद्धि आती है। इस साल तुलसी विवाह रविवार, 2 नवंबर 2025 को मनाया जाएगा।
कार्तिक शुक्ल द्वादशी तिथि: 2 नवंबर सुबह 7:31 बजे से शुरू होकर 3 नवंबर सुबह 5:07 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:50 से 5:42 तक
अभिजित मुहूर्त: दोपहर 11:42 से 12:26 तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 1:55 से 2:39 तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:35 से 6:01 तक
सायंकाल संध्या: शाम 5:35 से 6:53 तक
अमृत काल: सुबह 9:29 से 11:00 तक
निशिता मुहूर्त: रात 11:39 से 12:31 तक (3 नवंबर की रात)
त्रिपुष्कर योग: सुबह 7:31 से शाम 5:03 तक
सर्वार्थ सिद्धि योग: शाम 5:03 से अगली सुबह 6:34 तक (3 नवंबर)
Tulsi Vivah 2025: कब किया जा सकता है तुलसी विवाह? कैसे करें तुलसी विवाह, जानिए पूजा विधि
शालिग्राम जी पर चावल नहीं चढ़ाएं, पूजा में तिल, फूल और तुलसी दल का प्रयोग करें। विवाह सायंकाल में ही करें, दीपक जलाकर भगवान विष्णु से प्रार्थना करें। कुंवारी कन्याएं तुलसी को चुनरी चढ़ाएं, इससे अच्छा जीवनसाथी मिलने का योग बनता है।
तुलसी पूजन मंत्र: ॐ तुलस्यै नमः। ॐ तुलसीदेव्यै नमः। ॐ हरिप्रियायै नमः। ॐ वृन्दायै नमः।
शालिग्राम पूजन मंत्र: ॐ नमो भगवते वासुदेवाय। ॐ श्री शालिग्रामाय नमः।
डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी धार्मिक ग्रंथों, पंचांगों और सामान्य मान्यताओं पर आधारित है। इसका उद्देश्य सिर्फ आपको जागरूक करना है, मिंट हिंदी इसकी पुष्टि नहीं करता है। कृपया कोई निर्णय लेने से पहले अपनी श्रद्धा और विवेक से काम लें।
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