
Budget 2026-27 LIVE Updates: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 1 फरवरी को देश का आर्थिक बजट (Budget 2026) पेश करने वाली हैं। हर साल की तरह इस बार भी बजट से किसान से लेकर व्यापारियों को काफी उम्मीदें हैं। इस बार वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपना 9वां बजट पेश करेंगी। बजट से पहले वित्त मंत्री ने आर्थिक सर्वेक्षण जारी किया है। इसके अनुसार FY27 में भारत की अर्थव्यवस्था 6.8 से 7.2 के बीच बढ़ेगी। वहीं विकास दर भी 7% रहने का अनुमान है। आज बजट के दिन शेयर बाजार खुलेगी और NSE और BSE दोनों नियमित समय पर कारोबार करेंगे। आइए जानते हैं बजट से जुड़ी हुई हर अपडेट
केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी अपने घर से वित्त मंत्रालय के लिए रवाना हुए। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज संसद में केंद्रीय बजट 2026 पेश करेंगी।
बजट के दिन नेशनल कमोडिटी एंड डेरिवेटिव्स एक्सचेंज (NCDEX) सामान्य रूप से खुला रहेगा, जहां ट्रेडिंग का समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 9वां बजट पेश करने जा रही हैं। इसके साथ ही वो संसदीय इतिहास में एक नया रिकॉर्ड बना लेंगी।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था संकट में है। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार रविवार को पेश किए जाने वाले आम बजट में इसे उबारने के लिए कोई समाधान पेश करेगी। उन्होंने सवाल किया कि क्या यह बजट उन अनेक आर्थिक संकेतकों के लिए वास्तविक समाधान पेश करेगा, जो इस समय तेजी से गिर रहे हैं?
केंद्रीय मंत्री बजट पेश करने से पहले सुबह 10.15 बजे केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक होगी जिसमें आम बजट को मंजूरी प्रदान की जायेगी। इसके बाद वित्त मंत्री राष्ट्रपति भवन जाकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को बजट पेश किये जाने की जानकारी देंगी। बजट 11 बजे लोकसभा में पेश किया जायेगा। लोकसभा में पूरा बजट भाषण पढ़ने के कुछ देर बाद बजट को राज्यसभा के पटल पर रखा जायेगा।
साल 2017 से बजट एक फरवरी को ही पेश किया जाता है। स्वतंत्र भारत के इतिहास में केंद्रीय बजट पहली बार रविवार को पेश किया जायेगा। साथ ही निर्मला सीतारमण लगातार नौ बार बजट पेश करने वाली देश की पहली वित्त मंत्री बन जायेंगी जिसमें एक अंतरिम बजट भी शामिल है।
रियल एस्टेट सेक्टर को भी इस बार बजट 2026 से काफी उम्मीद हैं। माना जा रहा है कि इस बार बायर्स को कुछ राहत मिल सकती है। होमलैंड ग्रुप के सीईओ उमंग जिंदल का कहना है कि यूनियन बजट से रियल एस्टेट सेक्टर को ऐसी नीतियों की उम्मीद है, जो घरों की मांग बढ़ाएं और निर्माण को आसान बनाएं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज बजट पेश करने वाली हैं। इस आम बजट से किसानों को बड़ी उम्मीद है। पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे किसानों किस्त की राशि बढ़ने की उम्मीद है। अभी किसानों को हर साल 6,000 रुपये मिलते हैं,लेकिन चर्चा है कि इसे बजट में बढ़ाकर 9,000 किया जा सकता है।
आम बजट के पेश किये जाने से पहले बाजार दिशानिर्देशों के अभाव में कामकाज सुस्त रहने के बीच स्थानीय तेल-तिलहन बाजार में शनिवार को अधिकांश सरसों एवं सोयाबीन तेल-तिलहन, कच्चा पामतेल (सीपीओ) एवं पामोलीन तथा बिनौला तेल कीमतों में गिरावट रही। दूसरी ओर मांग बढ़ने के कारण मूंगफली तेल-तिलहन के दाम में सुधार दर्ज हुआ।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केंद्रीय बजट 'विकसित दिल्ली' के लक्ष्य को साकार करने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार शहर में कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं में सक्रिय रूप से शामिल है।
इस बार बजट में किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी विशेष घोषणाएं हो सकती हैं। सब्सिडी, कृषि निवेश योजनाएं और ग्रामीण विकास कार्यक्रमों पर जोर दिए जाने की उम्मीद है। इससे ग्रामीण भारत की आय और जीवन स्तर में सुधार हो सकता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एक फरवरी को लोकसभा में लगातार अपना नौवां बजट पेश करेंगी। इस बार बजट से उम्मीद की जा रही है कि वैश्विक भू-राजनीतिक अनिश्चितता के बीच अर्थव्यवस्था को रफ्तार देने के लिए सीमा शुल्क ढांचे में जीएसटी की तर्ज पर बड़े बदलाव और कई अन्य सुधार देखने को मिल सकते हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को आम बजट 2026-27 पेश करने के बाद देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए लगभग 30 कॉलेज के विद्यार्थियों के साथ संवाद करेंगी। सीतारमण एक फरवरी को अपना रिकॉर्ड नौवां बजट पेश करने जा रही हैं, जिसमें दो अंतरिम बजट भी शामिल हैं।
इस बार बजट रविवार को पेश होने जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में सुबह 11:00 बजे शुरू करने की उम्मीद है। बजट 2026 लाइव प्रसारण डीडी न्यूज और संसद टीवी पर किया जाएगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को लोकसभा में वित्त वर्ष 2026-27 का बजट पेश करेंगी। देखना ये है कि बजट की घोषणाएं निवेशकों को रास आती हैं या नहीं। बाजार पर इसका भी का असर दिखेगा। इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर जारी उथल-पुथल और तेजी से बदलते राजनीतिक समीकरणों से भी निवेश धारणा प्रभावित होगी।