नई दिल्ली: अमेरिका ने ईरान के खिलाफ अभियान के संभावित विस्तार से पहले इजरायल को देश में कई और अमेरिकी ईंधन भरने वाले विमान तैनात करने की अपनी तैयारी दी है। इजरायली अधिकारियों के मुताबिक, यह कदम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मंगलवार को सिचुएशन रूम की बैठक के बाद मिलिट्री ऑपरेशन शुरू करने की योजनाओं पर विचार करने के बीच आया है। इस दौरान उनके सामने कई नई ऑपरेशन स्कीम्स पेश की गई थीं। अधिकारियों के मुताबिक, जिन विकल्पों पर विचार किया जा रहा है, उनमें पावर प्लांट्स जैसे ईरानी इन्फ्रास्ट्रक्चर पर हमले, ईरान के संवर्धित यूरेनियम को भूमिगत और गहरा दफन करने के मकसद से परमाणु केंद्रों पर अतिरिक्त हमले और भूमिगत पिकैक्स माउंटेन साइट पर हमला शामिल है, जिस पर विकासशील परमाणु केंद्र होने का संदेह है।
ट्रंप जल्द दे सकते हैं तनाव बढ़ाने के आदेश
अमेरिकी-इजरायली अधिकारियों ने कहा कि ट्रंप ईरान को होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खोलने और अपने परमाणु कार्यक्रम पर अमेरिकी मांगों को स्वीकार करने के लिए मजबूर करने के लिए पर्याप्त नुकसान पहुंचाने के प्रयास में सैन्य कार्रवाई तेज करने के लिए तैयार दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ ही दिनों में तनाव बढ़ाने का आदेश दिया जा सकता है।
अमेरिकी ठिकानों पर बढ़े हमले
ईरान ने जॉर्डन, कतर, बहरीन, इराक और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर हमले तेज कर दिए हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने सीरिया में अमेरिकी बेस पर हमला करने का भी दावा किया, हालांकि अमेरिकी सेना ने पहले कहा था कि उसकी सेनाएं कई महीने पहले इस केंद्र से पीछे हट गई थीं।
इजरायली एयरपोर्ट्स पर अमेरिकी रिफ्यूलिंग जेट्स का जमावड़ा
मौजूदा समय में अमेरिका ने तेल अवीव के पास बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर लगभग 30 सैन्य रिफ्यूलिंग एयरक्राफ्ट और दक्षिणी इजरायल के रेमोन एयरपोर्ट पर भी इतनी ही संख्या में विमान तैनात कर रखा है। इजरायली अधिकारियों ने कहा कि आने वाले दिनों में अमेरिका कई और विमान तैनात करने का इरादा रखता है, जिससे विमानों की संख्या फिर से उतनी हो जायेगी जितनी संघर्ष की शुरुआत में देखी गई थी। अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिकी सेना बेन गुरियन हवाईअड्डे से विमानों का संचालन करना पसंद करती है, क्योंकि अन्य क्षेत्रीय हवाई ठिकाने ईरानी हमलों के प्रति अधिक संवेदनशील माने जाते हैं। उन्होंने कहा कि बड़े पैमाने पर इजरायली जवाबी कार्रवाई की संभावना के कारण ईरान इजरायल पर सीधे हमले शुरू करने से हिचक रहा है।
विमानों की तैनाती को लेकर इजरायल सरकार में मतभेद
रिपोर्टों के मुताबिक, इजरायल की परिवहन मंत्री मीरी रेगेव ने अमेरिकी विमानों को बेन गुरियन हवाई अड्डे से हटाने या उनकी संख्या कम करने के लिए दबाव डाला है, हालांकि इजरायल के रक्षा मंत्रालय और आईडीएफ इस प्रस्ताव के खिलाफ रहे हैं। ट्रंप प्रशासन ने इजरायल से अतिरिक्त रिफ्यूलिंग विमानों को जगह देने के लिए कहा है और उम्मीद है कि अंतिम निर्णय श्री नेतन्याहू पर ही निर्भर करेगा।